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    सुनवाई के दौरान हंगामा, कोर्ट ने गिरिबाला सिंह और समर्थ को भेजा जेल

    भोपाल: बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मामले में मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ की 5 दिनों की सीबीआई (CBI) रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार (2 जून) को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड (ज्यूडिशियल रिमांड) पर जेल भेज दिया है। सुनवाई के दौरान न्यायालय कक्ष में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब आरोपी गिरिबाला ने खुद अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट में दलीलें दीं।

    जज के सामने तीखी नोक-झोंक और गंभीर आरोप

    पेशी के दौरान अदालत में जज के सामने दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। गिरिबाला ने गुस्से में आकर जज के सामने आरोप लगाया कि ट्विशा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने जबलपुर स्थित हाई कोर्ट में उन्हें थप्पड़ मारा था। इस दावे के बाद कोर्ट रूम में दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। गिरिबाला की बात पर कड़ी आपत्ति जताते हुए वकील अनुराग श्रीवास्तव ने पलटवार किया और पूछा कि ‘अगर ऐसा हुआ था, तो इसकी शिकायत कहाँ दर्ज है?’

    30 हजार के इनामी को शरण मिलने पर उठे सवाल

    सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने सवाल उठाया कि आरोपी समर्थ जबलपुर प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज के कमरे में बैठा था। इसके जवाब में समर्थ के वकील ने दलील दी कि अपने मुवक्किल की सुरक्षा के लिए शरण लेना उनका अधिकार है। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए ट्विशा के वकील ने कहा कि आखिर 30 हजार रुपये के एक इनामी अपराधी को प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज के पास इस तरह शरण कैसे मिल गई? उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।

    मीडिया ट्रायल पर जताई कड़ी आपत्ति

    गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि उनके खिलाफ चल रहा 'मीडिया ट्रायल' तुरंत बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम जहाँ भी जा रहे हैं, मीडिया वहाँ पहुँच रही है। इससे हमारी जान को खतरा पैदा हो गया है।" इसके अलावा, कटारा हिल्स में हुए क्राइम सीन रिक्रिएशन का जिक्र करते हुए गिरिबाला ने आपत्ति जताई कि सीबीआई की टीम ने उन्हें उनके घर से तीन मकान पहले ही गाड़ी से उतार दिया, जिससे मीडिया को फुटेज बनाने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि गाड़ी सीधे उनके घर के सामने भी रोकी जा सकती थी।

    सीबीआई की मांग और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

    सुनवाई के दौरान सीबीआई के सरकारी वकील ने कोर्ट से आरोपियों की न्यायिक रिमांड मांगी और कहा कि यदि आगे पूछताछ की जरूरत पड़ी, तो वे दोबारा पुलिस रिमांड की मांग कर सकते हैं। गौरतलब है कि सीबीआई ने सोमवार (1 जून) को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर पर दोनों आरोपियों की मौजूदगी में क्राइम सीन रिक्रिएट किया था। इस रिक्रिएशन की पूरी डेटा रिपोर्ट दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (CFSL) भेजी गई है। अधिकारियों का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मामले को एक नई और स्पष्ट दिशा मिलेगी।

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