केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप, सोनम वांगचुक की हिरासत और नीट मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर अस्पताल भेजे जाने की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतंत्र की हत्या और सरकार की तानाशाही का स्पष्ट उदाहरण है।
जूली ने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर बच्चों के भविष्य, नीट परीक्षा में कथित धांधली और लद्दाख से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे थे। उनका कहना है कि सरकार ने लंबे समय तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें व्यापक समर्थन मिलने लगा, तब पुलिस ने बलपूर्वक हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचा दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की बात सुनी जाती है, न कि आंदोलनों को बलपूर्वक समाप्त किया जाता है।
नीट मामले पर भी उठाए सवाल
टीकाराम जूली ने नीट परीक्षा को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के माध्यम से आयोजित परीक्षा में लगातार तीन बार पेपर लीक होने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को देश कभी माफ नहीं करेगा और सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


