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    IMS BHU में बड़ा हादसा टला, सिलेंडर ब्लास्ट के बाद आग पर पाया गया काबू

    वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) स्थित ट्रॉमा सेंटर परिसर से एक डराने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार सुबह परिसर के भीतर मनोचिकित्सा विभाग के नजदीक बने एक अस्थाई टिनशेड में छोटा घरेलू गैस सिलेंडर लीक होने के बाद जोरदार धमाके के साथ फट गया। सिलेंडर ब्लास्ट होते ही टिनशेड में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) की देखरेख में चल रहे निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूर वहां अपने परिवार के साथ भोजन तैयार कर रहे थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया।

    मुस्तैद कर्मचारियों और दमकल ने पाया काबू

    धमाके की आवाज सुनते ही ट्रॉमा सेंटर की सुरक्षा में तैनात गार्ड, अस्पताल के अन्य कर्मचारी और तत्काल बुलाई गई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। सभी ने मिलकर तत्परता दिखाई और कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। गनीमत यह रही कि गैस लीक होते ही टिनशेड में मौजूद लोग तुरंत सुरक्षित बाहर की तरफ भाग निकले थे, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, विस्फोट इतना जबरदस्त था कि टिनशेड के परखच्चे उड़ गए।

    समय पर कार्रवाई से टला बड़ा नुकसान

    अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इन दिनों ट्रॉमा सेंटर परिसर में रेनोवेशन और निर्माण का काम चल रहा है, जिसके लिए मनोचिकित्सा विभाग के पास ही मजदूरों के रहने के लिए अस्थाई टिनशेड बनाए गए हैं। मंगलवार सुबह करीब 11:00 बजे जब मजदूर रसोई का काम कर रहे थे, तभी छोटे सिलेंडर में रिसाव शुरू हुआ और वह फट गया। यदि अस्पताल के कर्मचारी और फायर फाइटर्स वक्त रहते वहां नहीं पहुंचते, तो आग पास की अन्य संवेदनशील इमारतों तक फैल सकती थी। सुरक्षाकर्मियों ने फौरन टिनशेड को वहां से हटवाया और मजदूरों का बचा हुआ सामान बाहर निकाला।

    ट्रॉमा सेंटर प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर भेजी रिपोर्ट

    इस गंभीर घटना के बाद ट्रॉमा सेंटर प्रबंधन ने पूरे मामले की एक विस्तृत रिपोर्ट बीएचयू के उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। प्रबंधन ने भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए कई कड़े सुझाव दिए हैं:

    • आपातकालीन स्थिति को देखते हुए एम्बुलेंस और अन्य इमरजेंसी वाहनों के रास्ते को हमेशा पूरी तरह खाली और व्यवस्थित रखा जाए।

    • जब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न हो जाएं, तब तक परिसर के भीतर रह रहे मजदूरों द्वारा एलपीजी सिलेंडर या किसी भी तरह के कुकिंग स्टोव के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाई जाए।

    • इन अस्थाई ठिकानों में अग्निशमन उपकरणों की मौजूदगी और सुरक्षा मानकों की समय-समय पर कड़ी जांच (फायर ऑडिट) की जानी चाहिए।

    इस घटना के बाद वाराणसी जिला प्रशासन और बीएचयू सुरक्षा विंग अस्पताल परिसर के भीतर अनाधिकृत रूप से रखे गए सिलेंडरों की जांच में जुट गया है।

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