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    टीजीटी भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों की कम उपस्थिति, 50% के करीब पहुंचा आंकड़ा

    प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के तत्वावधान में आयोजित बहुप्रतीक्षित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) 2022 की भर्ती परीक्षा बुधवार से पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शुरू हो गई है। यह मुख्य परीक्षा तीन और चार जून को दो-दो पारियों में आयोजित की जा रही है। परीक्षा को पूरी तरह शुचितापूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए इस बार अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही, मुस्तैद उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की विशेष टीमें भी किसी भी तरह के सॉल्वर गैंग या धांधली को रोकने के लिए अलर्ट मोड पर हैं।

    कड़े सुरक्षा घेरे में मिला प्रवेश, 8 लाख से अधिक दावेदार

    परीक्षा को लेकर सुबह से ही निर्धारित केंद्रों के बाहर उम्मीदवारों की लंबी कतारें और भारी भीड़ देखने को मिली। सुरक्षाकर्मियों द्वारा सघन चेकिंग और बायोमैट्रिक मिलान के बाद ही परीक्षार्थियों को कैंपस के भीतर जाने की अनुमति दी गई। गौरतलब है कि करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद हो रही इस टीजीटी 2026 परीक्षा के लिए कुल 8,68,531 अभ्यर्थियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। प्रयागराज सहित प्रदेश के 36 संवेदनशील और प्रमुख जिलों में बनाए गए 614 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा दो शिफ्टों (सुबह 9:30 से 11:30 बजे और दोपहर 2:30 से शाम 4:30 बजे) में आयोजित की जा रही है।

    आयोग दफ्तर से हो रही है लाइव मॉनिटरिंग

    चयन आयोग के प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रों से सीधा प्रसारण (लाइव स्ट्रीमिंग) किया जा रहा है। अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति, डिजिटल वेरिफिकेशन और परीक्षा हॉल के भीतर की लाइव रिकॉर्डिंग सीधे आयोग मुख्यालय के सर्वर पर सुरक्षित की जा रही है। किसी भी केंद्र पर जरा सी भी संदिग्ध गतिविधि या अव्यवस्था दिखने पर कमांड सेंटर से तुरंत एक्शन लिया जाएगा। इस बड़ी परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और कानपुर जैसे बड़े केंद्रों के नोडल अधिकारियों को भी राउंड द क्लॉक मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।

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