ओबीसी अधिवेशन में भाजपा सरकार पर साधा निशाना, महंगाई और जातिगत जनगणना को बनाया मुद्दा
कोटा। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कोटा शहर एवं देहात जिला कांग्रेस द्वारा आयोजित ओबीसी अधिवेशन एवं पदभार ग्रहण समारोह में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठित होकर मजबूत रणनीति के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश में सबसे पहले “जितनी हिस्सेदारी, उतनी भागीदारी” का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य वंचित वर्गों की देश के संसाधनों एवं प्रशासनिक व्यवस्था में वास्तविक भागीदारी कितनी है।
उन्होंने दावा किया कि देश का बजट तैयार करने और उसे लागू करने वाले शीर्ष पदों पर आज भी वंचित वर्गों का प्रतिनिधित्व बेहद कम है। जूली ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग की भागीदारी बजट निर्माण प्रक्रिया में सीमित है, जबकि अधिकांश निर्णय उच्च पदों पर बैठे लोगों द्वारा लिए जाते हैं।
महंगाई को लेकर भाजपा सरकार पर बोला हमला
टीकाराम जूली ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई से आमजन परेशान है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी समय पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है और सभी को पूरी मजबूती के साथ जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस तथा परिवहन से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि आम आदमी, मजदूर और किसान की आय में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्ग के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।
‘रील और नौटंकी’ में व्यस्त है भाजपा सरकार : जूली
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जनता आज बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि सरकार के प्रतिनिधि सोशल मीडिया और प्रचार आधारित राजनीति में व्यस्त हैं।
जूली ने कहा कि कुछ नेता जनता के बीच दिखने के लिए ऑटो, मेट्रो और बसों में फोटो खिंचवाते हैं, लेकिन वास्तविक समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि वास्तव में जनता की परेशानियां समझना चाहते हैं तो उन्हें नियमित रूप से आम नागरिकों की तरह सार्वजनिक जीवन और परिवहन व्यवस्था का अनुभव करना चाहिए।
उन्होंने भाजपा नेताओं से केवल प्रचार आधारित राजनीति छोड़कर जनता के मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करते हुए आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


