More
    Homeखेलटेस्ट सीरीज के लिए क्या है टीम इंडिया की ताकत और कमजोरी

    टेस्ट सीरीज के लिए क्या है टीम इंडिया की ताकत और कमजोरी

    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 20 जून से होनी है, जिसका पहला टेस्ट हेडिंग्ले में खेला जाना है। इस टेस्ट सीरीज के लिए शुभमन गिल को टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया है, जबकि ऋषभ पंत उनके डिप्टी हैं।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद ये पहली बार होगा जब टीम इंडिया कोई टेस्ट सीरीज खेलने जा रही है। आर अश्विन के भी टेस्ट संन्यास के बाद टीम को उनकी कमी खलेगी। वहीं, हेड कोच गौतम गंभीर ने कुछ अनुभवी खिलाड़ी और युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है।

    हालांकि, इसके बावजूद टीम में कई ऐसी चीजें हैं, जो चिंताजनक है। गिल का इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज में चुनौतियों से पार करना आसान नहीं होगा। कुछ खिलाड़ियों के चयन पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जातने हैं टीम इंडिया की टेस्ट सीरीज से पहले ताकत और कमजोरियों के बारे में। 

    Team India की ताकत क्या है?
    भारतीय टीम के स्ट्रेंथ के बारे में बात करें तो भारतीय स्क्वाड में जसप्रीत बुमराह जैसे सीनियर खिलाड़ी हैं। बुमराह मौजूदा समय में दुनिया के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक हैं। इंग्लैंड की टीम ये कभी नहीं चाहेगी कि बुमराह पांचों टेस्ट मैच खेलेंगे, क्योंकि अगर वह खेलेंगे तो बड़े-बड़े बल्लेबाजों की फिर खैर नहीं होगी।

    बुमराह ने टेस्ट इतिहास में 200 विकेट 20 से कम की औसत से लिए हैं। ऐसा अब तक कोई भी गेंदबाज नहीं कर पाया हैं। उन्होंने BGT 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुल 32 विकेट चटकाए थे।

    इसके अलावा टीम इंडिया की दूसरी सबसे बड़ी ताकत रहेगी उसकी युवा बैटिंग यूनिट। दिग्गज रोहित शर्मा और विराट कोहली ने हाल ही में टेस्ट से संन्यास का एलान किया था और अब ऐसे में बैटिंग ऑर्डर में दिग्गज मौजूद नहीं, लेकिन टेस्ट टीम में जो बल्लेबाज चुने गए हैं, उसमें ज्यादातर लय में है।

    जहां ओपनर के तौर पर यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल का अनुभव होगा। तीसरे और चौथे नंबर पर वापसी कर रहे करुण नायर और कप्तान गिल होंगे। पंत, साई सुदर्शन, जडेजा, अभिमन्यु और नीतीश रेड्डी जैसे  विकल्प भी भारत के पास है।

    Team India की कमजोरी क्या है?
    भारतीय टीम के लिए इंग्लैंड में टेस्ट मैच जीतना हमेशा से एक मुश्किल भरा काम रहा है और यहां टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी रही है, कैच छोड़ना, खासकर स्लिप कॉर्डन में। बल्लेबाजों को इंग्लैंड में स्लिप में कैच लेना आसान नहीं होता। साथ ही ड्यूक्स गेंद बहुत ज्यादा स्विंग करती है, जिससे विकेटकीपर और स्लिप फील्डर दोनों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है।

    दूसरी कमजोरी यह है कि 25 साल के नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल का इंग्लैंड में अनुभव खराब ही रहा है, उन्होंने अब तक इंग्लैंड में 3 मैच की 6 पारियों में 14.66 के औसत से सिर्फ 88 रन ही बनाए हैं। ऐसे में उन पर कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों का दबाव रहेगा।

    वहीं, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरी सीरीज में उपलब्ध नहीं रहेंगे। वो इस 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के कुछ ही मुकाबले खेलेंगे। ऐसे में बुमराह की गैरमौजूदगी में कोच गंभीर और कप्तान गिल को ऐसा विकल्प लाना होगा, जो इसकी भरपाई कर सके।

    कौन होगा टीम इंडिया का 'X' फैक्टर खिलाड़ी?
    टीम इंडिया का इंग्लैंड दौरे के लिए एक्स फैक्टर कुलदीप यादव हो सकते हैं। उन्होंने अब तक कुल 13 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें 24 पारियों में 56 विकेट लिए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वह इससे पहले 6 टेस्ट खेल चुके हैं, जिनमें 11 पारियों में उन्होंने 21 विकेट चटकाए।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here