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    त्विषा मौत मामले की आरोपी गिरिबाला सिंह से महिला आयोग की मुलाकात, जेल में पढ़ती मिलीं किताब

    भोपाल। प्रसिद्ध त्विषा शर्मा हत्याकांड में न्यायिक अभिरक्षा के तहत केंद्रीय कारागार भोपाल में निरुद्ध सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह से बुधवार को मध्य प्रदेश महिला आयोग के एक दल ने भेंट की। आयोग की यह टीम जेल में निरुद्ध महिला बंदियों की दशा और वहां उपलब्ध प्रबंधों का मूल्यांकन करने पहुंची थी। आयोग की प्रमुख रेखा यादव ने पूर्व जज से जेल के खान-पान, चिकित्सीय देखरेख और अन्य सहूलियतों के विषय में फीडबैक लिया, जिस पर गिरिबाला सिंह ने किसी भी प्रकार की असुविधा से मना करते हुए जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब प्रशासनिक दल उनके बैरक में पहुंचा, तब वे विख्यात लेखक देवदत्त पटनायक की कृति 'द प्रेग्नेंट किंग' के अध्ययन में व्यस्त थीं, जिसे उन्होंने टीम को देखकर बंद कर दिया। पूरे संवाद के दौरान वे बेहद संयत दिखीं और जांच दल को उन्हें जेल में कोई भी वीआईपी या विशेष रियायत दिए जाने के प्रमाण नहीं मिले।

    सीबीआई को मिली दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, लीगल एड ने संभाली कमान

    इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को मृतका त्विषा शर्मा की द्वितीय मरणोत्तर (पोस्टमार्टम) जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसके बाद जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए चिकित्सीय, डिजिटल और फॉरेंसिक प्रमाणों का आपसी मिलान शुरू कर दिया है। जांच टीम का मुख्य ध्यान मृतका की गर्भावस्था, शरीर के जख्मों और फंदे से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर केंद्रित है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे मोबाइल और लैपटॉप से पुनर्प्राप्त (रिकवर) किए गए संदेशों, कॉल लॉग्स और तस्वीरों का भी गहन विश्लेषण किया जा रहा है। दूसरी ओर, जिला अदालत में विधिक सेवा प्राधिकरण से संबंद्ध चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल की रीना वर्मा और श्रेयस सक्सेना ने पूर्व जज की पैरवी के लिए वकालतनामा दाखिल किया है, जिस पर न्यायालय ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से अनुमति और आवश्यक दिशा-निर्देश मांगे हैं।

    पौराणिक कथा पर आधारित है 'द प्रेग्नेंट किंग'

    पूर्व जिला जज द्वारा जेल में पढ़ी जा रही देवदत्त पटनायक की यह औपन्यासिक कृति प्राचीन पौराणिक आख्यानों पर आधारित है। इस उपन्यास के कथानक के अनुसार, इक्ष्वाकु वंश के राजा युवनाश्व संतान सुख की कामना के लिए एक विशेष यज्ञ का अनुष्ठान करवाते हैं। परंतु, अनजाने में वे उस अभिमंत्रित जल को स्वयं ग्रहण कर लेते हैं जो वास्तव में उनकी रानियों के लिए तैयार किया गया था। इस दैवीय प्रभाव के कारण राजा स्वयं गर्भधारण करते हैं और उनके शरीर से चक्रवर्ती सम्राट मांधाता का जन्म होता है। लेखक ने इसी अनूठे पौराणिक प्रसंग को आधुनिक दृष्टिकोण से पिरोकर इस किताब की रचना की है।

    महिला आयोग ने किया जेल का व्यापक निरीक्षण

    महिला आयोग के दल ने जेल परिसर के भीतर बने महिला वार्ड, कारागार चिकित्सालय, पाकशाला (रसोई), ग्रंथालय, हस्तशिल्प केंद्र और सौंदर्य प्रसाधन केंद्र का विस्तृत मुआयना किया। इस दौरान टीम ने अन्य महिला कैदियों से भी बातचीत कर उनकी विधिक व व्यक्तिगत समस्याओं को जाना। जेल के सांस्कृतिक विंग में महिला बंदियों के संगीत समूह ने भजन और गीतों की प्रस्तुतियां भी दीं। इस पूरे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान महिला आयोग के सचिव सुरेश तोमर और केंद्रीय जेल अधीक्षक राकेश भांगरे सहित कारागार प्रशासन के कई आला अधिकारी मुस्तैद रहे।

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