More
    Homeदुनियाट्रंप का दावा: पाकिस्तान की अपील पर ईरान को मिली राहत, बढ़ी...

    ट्रंप का दावा: पाकिस्तान की अपील पर ईरान को मिली राहत, बढ़ी सियासी हलचल

    वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कई बड़े और हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की खास गुजारिश पर उन्होंने ईरान को कुछ मोहलत (राहत) दी है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी सेना के एक बेहद गुप्त मिशन की जानकारी दी और भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रुकवाने का अपना पुराना दावा भी दोहराया।

    पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान को दी राहत

    अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर फौज बताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ने हमेशा इस्लामाबाद की मदद की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के अनुरोध पर ही उन्होंने ईरान के खिलाफ अपने रुख में थोड़ी नरमी बरती है। ट्रंप के मुताबिक, पाकिस्तानी नेतृत्व ने उनसे यह भी गुजारिश की थी कि अमेरिका हस्तक्षेप करे, जिसके बाद उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित जंग को टाला। ट्रंप ने दावा किया कि अगर वह बीच-बचाव न करते, तो दोनों पड़ोसी देशों के बीच विनाशकारी परमाणु युद्ध छिड़ जाता। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के ईरान के साथ करीबी रिश्ते हैं और वह ईरान को समझाने की कोशिश कर रहा है।

    'परमाणु संपन्न ईरान पूरी दुनिया के लिए खतरा'

    ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अगर ईरान परमाणु बम बनाने में कामयाब हो जाता, तो इजरायल का नामोनिशान मिट जाता, पूरा मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) तबाह हो जाता और वे अमेरिका पर भी हमला कर देते। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर कड़े प्रहार किए हैं और यह सैन्य कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका को उस पर चौतरफा सैन्य कार्रवाई करने का पूरा हक मिल गया है। ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि अमेरिका ने कल भी उन पर करारा प्रहार किया था और आगे भी यह सिलसिला बेहद आक्रामक तरीके से जारी रहेगा।

    अमेरिका ने चलाया बड़ा खुफिया ऑपरेशन

    इसके अलावा ट्रंप ने अमेरिकी सेना द्वारा अंजाम दिए गए एक बड़े सीक्रेट मिशन का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज की खाड़ी) से गुजरने वाले तेल टैंकरों और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए एक खुफिया ऑपरेशन चलाया था। इस मिशन के तहत 10 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल इस संवेदनशील समुद्री रास्ते से सुरक्षित निकाला गया और 200 से अधिक कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा दी गई।

    होर्मुज की खाड़ी पर अब अमेरिका का नियंत्रण

    ट्रंप का दावा है कि ईरान को इस अमेरिकी मिशन की भनक तक नहीं लगी और अब होर्मुज की खाड़ी पर ईरान का नहीं बल्कि अमेरिका का नियंत्रण है। उन्होंने इसे ईरान की बड़ी सैन्य और आर्थिक हार बताया। कुल मिलाकर, ट्रंप का यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका एक तरफ ईरान के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखना चाहता है, तो दूसरी तरफ उसने उस पर सैन्य दबाव को चरम पर पहुंचा दिया है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here