पंढरपुर। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के फायरब्रांड विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र के अन्नदाताओं की संपूर्ण कर्जमुक्ति को लेकर एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वे सूबे के किसानों की आर्थिक बदहाली और कर्जमाफी की पुरजोर मांग को लेकर आगामी 12 जून को पंढरपुर की पावन भूमि पर एक विशाल 'अन्न त्याग आंदोलन' (भूख हड़ताल) शुरू करने जा रहे हैं। इस सत्याग्रह में पूरे राज्य से हजारों की तादाद में किसान और ग्रामीण जुटेंगे ताकि सरकार पर दबाव बनाकर इस आंदोलन को कृषक समाज के लिए निर्णायक और सार्थक बनाया जा सके। बुधवार को संवाददाताओं से अनौपचारिक वार्ता के दौरान रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि जनसरोकार से जुड़े हर गंभीर मसले पर अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
जनता के हकों के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष का संकल्प
रोहित पवार ने राजनीतिक कार्यशैली पर अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि चाहे आम जनता के स्वास्थ्य का अधिकार हो, युवाओं की उच्च शिक्षा का विषय हो या फिर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की बुनियादी जरूरतें, इन सभी ज्वलंत मुद्दों के समाधान के लिए अब वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर सड़कों पर उतरना ही एकमात्र रास्ता बचा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक विपक्ष और आम अवाम अपनी सामूहिक आवाज को पूरी ताकत के साथ बुलंद नहीं करेंगे, तब तक शासन-प्रशासन के स्तर पर जमीनी हकीकत बदलने वाली नहीं है और व्यवस्था जस की तस ढर्रे पर चलती रहेगी।
सिद्धांतों और जनहित से कोई समझौता नहीं
अपनी राजनीतिक विचारधारा को रेखांकित करते हुए राकांपा (एसपी) विधायक ने कहा कि उनके नेतृत्व ने उन्हें हमेशा यही पाठ पढ़ाया है कि जनता के बुनियादी अधिकारों और तकलीफों को लेकर बिना किसी भय के सड़क पर संघर्ष किया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि आम लोगों और विशेषकर अन्नदाताओं के हितों के साथ किसी भी स्तर पर कोई राजनीतिक नफा-नुकसान देखकर समझौता नहीं किया जा सकता। इस उपवास आंदोलन का एकमात्र ध्येय संकट में घिरे किसान भाइयों के लिए आर्थिक न्याय का मार्ग प्रशस्त करना है, और वे इस राह में आने वाली हर प्रशासनिक बाधा से टकराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
टीएमसी के विलय की अटकलों को सिरे से नकारा
किसानों के मुद्दे से इतर, रोहित पवार ने राष्ट्रीय राजनीति और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही सांगठनिक उठापटक को लेकर मीडिया में तैर रही खबरों पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने उन तमाम कयासों और राजनीतिक चर्चाओं को पूरी तरह निराधार व काल्पनिक बताते हुए खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि टीएमसी का कांग्रेस पार्टी में विलय हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक स्वयं टीएमसी सुप्रीमो की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक घोषणा या नीतिगत बयान सामने नहीं आता, तब तक विरोधी दलों द्वारा फैलाए जा रहे इस तरह के प्रोपेगैंडा को कोई तवज्जो नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि वर्तमान में विपक्ष की सबसे बड़ी प्राथमिकता एकजुट होकर सत्तापक्ष की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मजबूती से खड़े होना है।


