पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। सुबह के समय वोट डालने की गति थोड़ी धीमी रही। सुबह 9 बजे तक केवल 4.61 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला, जबकि 2025 के चुनाव में इस समय तक 7.12 प्रतिशत मतदान हुआ था। हालांकि, सुबह 11 बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 11.50 प्रतिशत तक पहुंच गया।
धीमी वोटिंग के बीच सबसे खास बात यह रही कि युवा मतदाता (Gen Z) बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंचे। इनमें भी लड़कियों की संख्या सबसे ज्यादा देखी गई। इसके बाद से ही यह चर्चा शुरू हो गई है कि युवाओं का वोट किस पार्टी को मिलेगा। हाल ही में यही युवा NEET पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे।
बांकीपुर में युवाओं की भूमिका क्यों है अहम?
बांकीपुर क्षेत्र में पटना यूनिवर्सिटी, NIT पटना, BN कॉलेज, साइंस कॉलेज और एएन कॉलेज जैसे कई बड़े शैक्षणिक संस्थान और हॉस्टल हैं। यहां हर साल हजारों छात्र पढ़ने आते हैं।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बांकीपुर में कुल 3.79 लाख मतदाता हैं। इनमें से लगभग 1.20 से 1.35 लाख मतदाता 18 से 29 साल के हैं। यानी कुल वोटरों में करीब एक-तिहाई युवा हैं। इसी वजह से युवाओं को इस उपचुनाव का सबसे बड़ा निर्णायक माना जा रहा है।
वोट डालने के बाद ज्यादातर युवा किसी पार्टी का नाम लेने से बचते दिखे। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उन्होंने पढ़ाई, रोजगार और विकास के मुद्दों पर अपना वोट दिया है।
छात्र आंदोलन का दिखा असर
NEET पेपर लीक के विरोध में हुए आंदोलनों ने युवाओं को राजनीति में ज्यादा सक्रिय कर दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं, शिक्षा और नौकरियों के मुद्दे पर युवा लगातार आवाज उठा रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार युवा जाति और धर्म से ऊपर उठकर शिक्षा और रोजगार के नाम पर वोट दे सकते हैं। हालांकि, इसका फायदा किस दल को मिलेगा, यह कहना अभी मुश्किल है। चुनाव के नतीजे 3 अगस्त को गिनती के बाद ही साफ होंगे।


