More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशखनिज संपदा से समृद्ध पंचायतों को मिले अधिक भागीदारी, पर्यावरण पुनरुद्धार को...

    खनिज संपदा से समृद्ध पंचायतों को मिले अधिक भागीदारी, पर्यावरण पुनरुद्धार को मिले प्राथमिकता : जयभान सिंह पवैया

    भोपाल : मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में खनिज संपदा से प्रभावित क्षेत्रों के विकास, स्थानीय निकायों की भागीदारी तथा पर्यावरणीय पुनरुद्धार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खनिज उत्खनन से प्रभावित पंचायतों को खनिज राजस्व से प्राप्त आय में अधिक प्रभावी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के अवसरों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय समुदायों को विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। बैठक में आयोग के सदस्य के.के. सिंह तथा सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे।

    आयोग के अध्यक्ष पवैया ने खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि जिला खनिज निधि के संसाधनों का उपयोग पर्यावरण पुनरुद्धार, हरित आवरण विस्तार, जल संरक्षण तथा पारिस्थितिकी सुधार संबंधी कार्यों को अधिकाधिक किया जाए, जिससे विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। खनिज विभाग के अधिकारियों ने आयोग को राज्य में खनिज राजस्व की वर्तमान स्थिति, राजस्व प्राप्ति के प्रमुख स्रोतों तथा वसूली की प्रगति से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि खनिज क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और इससे प्राप्त राजस्व विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) निधि के गठन, संचालन और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई। आयोग को बताया गया कि खनिज प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, सामाजिक विकास तथा जनकल्याणकारी गतिविधियों के लिए जिला खनिज निधि का उपयोग किया जा रहा है। बैठक में खनिज राजस्व के न्यायसंगत उपयोग, प्रभावित समुदायों के हितों की सुरक्षा तथा स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

    खनिज विभाग ने भारत सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप संशोधित जिला खनिज प्रतिष्ठान नियमों एवं निधि प्रावधानों की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने बताया कि नए प्रावधानों के तहत स्थानीय निकायों की भूमिका और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय स्तर पर जवाबदेही और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
     

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here