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    Homeराज्यखेल मंत्री की ग्राउंड रिपोर्ट के बाद बड़ी कार्रवाई, 10 नर्सरियां बंद

    खेल मंत्री की ग्राउंड रिपोर्ट के बाद बड़ी कार्रवाई, 10 नर्सरियां बंद

    चंडीगढ़ बुनियादी खेल सुविधाओं के टोटे और रखरखाव में बरती जा रही घोर लापरवाही के चलते हरियाणा के विभिन्न जिलों में संचालित की जा रही 10 खेल नर्सरियों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। नियमों और मापदंडों को ताक पर रखकर चलाई जा रही इन खेल नर्सरियों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई खेल राज्य मंत्री द्वारा मेवात (नूंह), यमुनानगर, हिसार और भिवानी जिलों से प्राप्त हुई आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद की गई है। हाल ही में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने विभागीय अफसरों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी, जिसमें उन्होंने सभी सरकारी स्कूलों और ग्राम पंचायतों के अधीन आने वाली खेल नर्सरियों की धरातल पर जाकर एक विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने के सख्त निर्देश दिए थे।

    इन जिलों के स्कूलों और पंचायतों में बंद हुईं खेल नर्सरियां

    अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर की गई बारीकी से जांच के बाद जारी सरकारी बयान के मुताबिक, नूंह (मेवात) के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में संचालित हो रही 3 खेल नर्सरियों को बंद करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा यमुनानगर के तेजली स्थित शहीद परमिंद्र सिंह राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रही साइकिलिंग की 1 नर्सरी पर भी ताला लगा दिया गया है। हिसार जिले में भी बड़ा एक्शन लेते हुए राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल (आर्य नगर ग्राम पंचायत) की बॉक्सिंग की 1, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल (गंगवा) की फुटबॉल की 2 और मसूदपुर पंचायत में संचालित फुटबॉल की 2 खेल नर्सरियों को बंद किया गया है। वहीं भिवानी के जीएमएसएसएस में चल रही बॉक्सिंग और वॉलीबॉल की 1-1 नर्सरी को भी तत्काल प्रभाव से बंद करने की कार्रवाई की गई है।

    जांच के दौरान धरातल पर उजागर हुईं ये गंभीर खामियां

    खेल राज्य मंत्री के अनुसार, विभागीय अधिकारियों की ग्राउंड रिपोर्ट में खेल नर्सरियों के कामकाज और प्रबंधन को लेकर कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई थीं। इन सेंटर्स पर खिलाड़ियों के लिए जरूरी आधुनिक और बुनियादी खेल उपकरणों का पूरी तरह अभाव पाया गया। सबसे चिंताजनक बात यह थी कि खेल के मैदानों की हालत बेहद जर्जर और खस्ताहाल थी, जिससे अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों के चोटिल होने का गंभीर खतरा लगातार बना हुआ था। इसके अतिरिक्त, सरकारी रिकॉर्ड और कागजातों में दर्ज खिलाड़ियों के आंकड़ों तथा मैदान पर वास्तव में उपस्थित रहने वाले खिलाड़ियों की वास्तविक संख्या में भी बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला, जो सीधे तौर पर धांधली को दर्शाता है।

    ओलंपिक-2036 के लक्ष्य को लेकर खेल मंत्री का बड़ा बयान

    विभागीय कार्रवाई की जानकारी देते हुए खेल मंत्री ने देश के खेल भविष्य और आगामी महत्वाकांक्षी लक्ष्यों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने के लिए हर स्तर पर कड़ा प्रयास और तैयारी कर रहा है। ऐसे बड़े वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलना अनिवार्य है। खेल मंत्री ने संकल्प दोहराते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य ओलंपिक-2036 में देश की झोली में कम से कम 36 मेडल डालना है, और इस विजन को पूरा करने के लिए खेल प्रणालियों में किसी भी प्रकार की कोताही, फर्जीवाड़ा या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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