जबलपुर: आगामी बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए स्थानीय नगर पालिक निगम द्वारा आधुनिक संसाधनों के जरिए शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई का अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में शनिवार को जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने प्रशासनिक अमले के साथ शहर के जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों का जमीनी दौरा किया। इस दौरान उनके साथ अपर आयुक्त अरविंद शाह, अशफाक परवेज कुरैशी और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों की इस संयुक्त टीम ने ओमती नाला, भूलन नाला, प्रेम नगर नाला और गंगा सागर नाला सहित शहर के मुख्य जल निकासी मार्गों की सफाई व्यवस्था का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर जल निकासी की वास्तविक स्थिति का फीडबैक भी लिया, जिस पर नागरिकों ने व्यवस्था के प्रति संतोष जताया।
इसके साथ ही, प्रशासनिक टीम ने शहर के कचरा प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए संचालित 'वेस्ट टू एनर्जी प्लांट' और 'सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट' (STP) का भी गहन निरीक्षण किया। कलेक्टर और निगमायुक्त ने इन दोनों संयंत्रों की दैनिक कार्यप्रणाली को समझा और निर्देश दिए कि मानसून के दौरान ये प्लांट अपनी पूरी क्षमता के साथ सक्रिय रहें, ताकि शहरी कचरे और गंदे पानी का वैज्ञानिक रूप से त्वरित निपटारा हो सके।
लापरवाही पर मिलेगी कड़ी सजा: कलेक्टर की दो टूक
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और निगमायुक्त ने मातहत अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी कि वर्षा ऋतु में शहर की किसी भी सड़क या रिहायशी इलाके में घुटनों तक पानी भरने की नौबत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
मानसून के औपचारिक आगमन से पहले ही सभी बड़े नालों की 'तली झाड़' (गहरी) सफाई का काम अनिवार्य रूप से पूरा हो जाना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रतिदिन वार्डों में जाकर कचरा उठाने और नालियों की सफाई की लाइव मॉनिटरिंग करेंगी।
जलभराव के कारण जनता को होने वाली किसी भी असुविधा के लिए सीधे तौर पर संबंधित क्षेत्र के जोनल अफसर और स्वच्छता निरीक्षक जिम्मेदार माने जाएंगे।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
निगमायुक्त ने जोर देकर कहा कि वेस्ट टू एनर्जी और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का बिना रुके लगातार चलना बेहद जरूरी है। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि भारी बारिश के दौरान भी शहर की स्वच्छता व्यवस्था चरमराएगी नहीं। इस पूरे दौरे के दौरान नगर निगम के तकनीकी विंग के अफसर, जोन कमिश्नर और स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला मुख्य रूप से उपस्थित रहा, जिन्हें मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।


