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    करोड़ों की ज्वेलरी चोरी के खिलाफ बाजार बंद, व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

    सीतापुर| छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर में लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के जेवरात और आभूषणों की बड़ी उठाईगिरी की घटना के बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार न किए जाने से स्थानीय व्यापारिक जगत में भारी आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न व्यापारी संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को पूरे नगर को पूरी तरह बंद रखा गया और इसके बाद कारगिल चौक पर शांतिपूर्ण चक्काजाम कर स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

    घटना के दिन बीतने के बाद भी खाली हाथ पुलिस

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के प्रतिष्ठान के संचालक अरुण सोनी के साथ हुई इस सनसनीखेज उठाईगिरी की वारदात को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। व्यापारियों का साफ तौर पर कहना है कि इतने दिन गुजर जाने के बाद भी अपराधियों का सुराग न लग पाना और गिरफ्तारी न होना शहर की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। व्यापारी संघ ने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़कर मामले का पर्दाफाश करने की मांग की है।

    व्यापक असर: पूरा नगर रहा बंद

    व्यापारी संघ के समर्थन और अपील पर सीतापुर के लगभग सभी छोटे-बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। हालांकि, आम जनता की जरूरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टोर (दवा की दुकानों) को इस बंद के दायरे से पूरी तरह मुक्त रखा गया था। बाजार बंद रहने के कारण पूरे नगर में दिनभर सामान्य व्यावसायिक गतिविधियां ठप रहीं और प्रमुख मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहा।

    कारगिल चौक पर चक्काजाम और वाहनों की कतारें

    नगर बंद के सफल आयोजन के बाद सभी सर्राफा व्यापारी, व्यापारी संघ के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में कारगिल चौक पर एकत्र हुए और वहां शांतिपूर्ण ढंग से चक्काजाम कर दिया। इस जोरदार प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि पुलिस जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार कर लूटे गए आभूषण बरामद करे।

    आपातकालीन सेवाओं का रखा गया विशेष ध्यान

    इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मानवता और जनहित का पूरा ख्याल रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने आपातकालीन सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया। किसी भी मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस को बिना किसी रुकावट के सुरक्षित गुजरने दिया गया, जबकि स्कूली बसों और अन्य लंबी दूरी के यात्री वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला गया ताकि आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा का सामना करना पड़े।

    सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात

    कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कारगिल चौक और उसके आसपास के तमाम संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए थे, ताकि क्षेत्र में शांति और व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे।

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