शराब की आदत से बिगड़ी सेहत, नई जिंदगी देकर डॉक्टरों ने पेश की मिसाल
जयपुर। शराब की लत ने 28 वर्षीय दीपक बाखरीवाल को जिंदगी और मौत के बीच खड़ा कर दिया, लेकिन समय पर मिले विशेषज्ञ उपचार और चिकित्सकों की सतत निगरानी ने उन्हें नया जीवन दे दिया। कई दिनों तक आईसीयू में चले इलाज के बाद अब दीपक स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौट आए हैं।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दीपक को एक्यूट नेक्रोटाइजिंग पैंक्रियाटाइटिस, गंभीर संक्रमण, सेप्टिक शॉक, किडनी फेल्योर और मल्टी ऑर्गन फेल्योर जैसी जानलेवा स्थितियों में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के मामलों में मृत्यु दर अत्यंत अधिक होती है और मरीज को बचाना बड़ी चुनौती होता है।
अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. महेंद्र मीणा ने बताया कि मरीज का लंबे समय तक गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में इलाज किया गया। इस दौरान डायलिसिस, उन्नत एंटीबायोटिक थेरेपी और अन्य आधुनिक चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का सहारा लिया गया। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. दिनेश मीणा और उनकी टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए उपचार किया।
चिकित्सकों ने अग्न्याशय और पेट के आसपास जमा संक्रमित पदार्थ को निकालने के लिए विशेष पिगटेल प्रक्रिया भी अपनाई। इलाज के दौरान कई बार संक्रमण दोबारा बढ़ा और स्थिति गंभीर हुई, लेकिन विशेषज्ञ टीम ने निरंतर प्रयास जारी रखे और अंततः मरीज की जान बचाने में सफलता हासिल की।
दीपक ने बताया कि शराब की आदत ने केवल उनके स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को मानसिक और भावनात्मक संकट में डाल दिया। कई रातें ऐसी रहीं जब उनके माता-पिता आईसीयू के बाहर बैठकर बेटे के स्वस्थ होने की प्रार्थना करते रहे। स्वस्थ होकर घर लौटने के बाद परिवार ने राहत और खुशी व्यक्त की।
डॉ. महेंद्र मीणा ने कहा कि शराब का अत्यधिक सेवन शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है और गंभीर परिस्थितियों में जीवन के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने युवाओं से नशे की आदतों से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। उनके अनुसार समय रहते जागरूकता और संयम अपनाकर अनेक गंभीर बीमारियों तथा पारिवारिक परेशानियों से बचा जा सकता है।
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