आगरा। शहर के प्रतापनगर स्थित माधवकुंज इलाके में एक शातिर साइबर ठग ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया है। जालसाज ने पेंशन योजना का झांसा देकर पीड़ित के मोबाइल पर एक संदिग्ध एपीके (APK) फाइल भेजी, जिस पर क्लिक करते ही उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद अपराधी ने पीड़ित के बैंक खाते में जमा 11 लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट (FD) को पलक झपकते ही दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया। पीड़ित किशनपाल खेत्रपाल की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर क्राइम के डीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि जिस नंबर से कॉल आई थी और जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी सघन जांच की जा रही है और अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
एपीके फाइल का मायाजाल और हैकिंग का खतरनाक खेल
साइबर मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल अपराधी लोगों को ठगने के लिए एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइल का सहारा ले रहे हैं, जो मोबाइल को पूरी तरह रिमोट कंट्रोल पर लेने जैसा है। दरअसल, एपीके फाइल वह डिजिटल फॉर्मेट है जिसके जरिए एंड्रॉइड स्मार्टफोन में सीधे ऐप इंस्टॉल किए जाते हैं। जब कोई यूजर किसी अज्ञात लिंक या मैसेज के माध्यम से आई इस फाइल पर क्लिक करता है, तो उसके फोन में एक बैकग्राउंड (हिडन) ऐप डाउनलोड हो जाती है। यह ऐप यूजर की जानकारी के बिना उसके फोन के मैसेज, कॉल रिकॉर्ड, स्क्रीन एक्टिविटी और बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का पूरा नियंत्रण हैकर को सौंप देती है। इसके बाद ठग घर बैठे ही बैंक से आने वाले ओटीपी (OTP) को पढ़ लेते हैं और खाते से सारा पैसा साफ कर देते हैं।
अज्ञात लिंक और थर्ड पार्टी ऐप से ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
इस तरह के डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी स्थिति में किसी अज्ञात स्रोत या अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल को अपने फोन में डाउनलोड न करें। हमेशा आधिकारिक गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही प्रामाणिक एप्लिकेशन इंस्टॉल करें। यदि कोई साधारण सा ऐप आपके फोन के मैसेज, कॉन्टैक्ट्स या गैलरी की अनुमति (एक्सेस) मांगता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक करें। इसके अलावा, अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में जाकर 'इंस्टॉल फ्रॉम अननोन सोर्सेज' (Install from Unknown Sources) के विकल्प को हमेशा बंद रखें ताकि कोई भी संदिग्ध सॉफ्टवेयर आपकी मर्जी के बिना फोन में जगह न बना सके।
सुरक्षा उपाय और साइबर हेल्पलाइन 1930 का उपयोग
अपने मोबाइल डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करते रहें और एक भरोसेमंद एंटीवायरस का उपयोग करें। यदि आप या आपके आसपास का कोई व्यक्ति इस प्रकार की किसी धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके अतिरिक्त, तुरंत राहत और त्वरित कार्रवाई के लिए सरकार द्वारा जारी की गई राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते ठगी गई रकम को होल्ड कराया जा सके।


