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    सामंथा ने मनाया फिल्म की दमदार शुरुआत का जश्न, टीम की महिलाओं की तारीफ की

    भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु की नई मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘मां इंटी बंगारम’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के पहले दिन (ओपनिंग डे) इस फिल्म ने ₹5.35 करोड़ की बेहतरीन शुरुआत की थी, वहीं दूसरे दिन भी इसका जलवा बरकरार रहा और फिल्म ने ₹2.54 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म की कुल दो दिनों की कमाई का आंकड़ा ₹7.89 करोड़ तक पहुंच गया है। सिनेमाघरों में इस पारिवारिक और थ्रिलर ड्रामा को देखने के लिए दर्शकों, विशेषकर महिला वर्ग की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे फिल्म की पूरी टीम और सामंथा बेहद उत्साहित हैं। अभिनेत्री ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से अपने तमाम प्रशंसकों का दिल से आभार जताया है।

    सिनेमा का बदलता दौर: ओपनिंग डे पर महिलाओं के योगदान की सराहना

    सामंथा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक भावुक और विचारणीय पोस्ट साझा की है। उन्होंने लिखा, "रिलीज के पहले ही दिन किसी फिल्म को दर्शकों का इतना अपार प्यार और शानदार ओपनिंग मिलते देखना एक अद्भुत और सुखद अहसास है। यह सफलता हमारे पूरे क्रू के लिए बहुत मायने रखती है। आज का दर्शक कंटेंट को प्रधानता दे रहा है, चाहे फिल्म पुरुष-केंद्रित (मेल-लीड) हो या महिला-केंद्रित (फीमेल-लीड)। लोग पूरे दिल से थिएटर्स तक पहुंच रहे हैं।"

    अभिनेत्री ने आगे सिनेमा के बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए कहा, "सबसे क्रांतिकारी बात यह रही कि ओपनिंग डे के कलेक्शन में महिला दर्शकों की भागीदारी बहुत ज्यादा दर्ज की गई है। दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में यह धारणा बनी हुई थी कि पहले दिन की बम्पर कमाई केवल पुरुष दर्शकों के कारण होती है। ऐसे में सिनेमा देखने के इस ट्रेंड और दर्शकों की सोच में आ रहा यह सकारात्मक बदलाव वाकई सराहनीय है। हमारे एक छोटे से प्रोडक्शन हाउस की इस कोशिश को बड़ा बनाने के लिए सभी का धन्यवाद।"

    क्या है ‘मां इंटी बंगारम’ की रहस्यमयी कहानी?

    यह फिल्म एक ऐसी संस्कारी और पारंपरिक महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक रूढ़िवादी परिवार में नई बहू बनकर कदम रखती है। वह स्वभाव से अत्यंत शांत, बड़ों की आज्ञा मानने वाली और हर कसौटी पर खरी उतरने वाली आदर्श बहू दिखाई देती है। हालांकि, ससुराल के लोगों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं होता कि उसकी इस सादगी के पीछे एक गहरा रहस्य छिपा है। कहानी में मोड़ तब आता है जब उसका छुपा हुआ अतीत अचानक सबके सामने उजागर होने लगता है। विपरीत परिस्थितियों के बीच उसे अंततः उन्हीं लोगों की ढाल बनना पड़ता है, जो उस पर शक कर रहे होते हैं।

    पारिवारिक मूल्यों और सस्पेंस से भरपूर इस बेहतरीन फिल्म का निर्देशन विख्यात निर्देशक नंदिनी रेड्डी ने किया है, जिनकी सधे हुए निर्देशन शैली की समीक्षक और दर्शक जमकर तारीफ कर रहे हैं।

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