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    विशाल घट यात्रा के साथ गर्भ कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ

    गर्भ कल्याणक पर्व पर निकली भव्य शोभायात्रा, आचार्य ज्ञानभूषण जी के प्रवचनों से गूंजा धर्मनगरी परिसर

    लक्ष्मणगढ़। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) के गर्भ कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को लक्ष्मणगढ़ में भव्य धार्मिक आयोजनों के साथ हुआ। आचार्य मुनि श्री 108 ज्ञानभूषण जी महाराज ‘रत्नाकर’ ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव के प्रथम दिन विशाल घट यात्रा, रथ यात्रा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

    विशाल घट यात्रा
    विशाल घट यात्रा

    प्रातःकाल दिगंबर जैन मंदिर में अभिषेक, नित्य महापूजन, गर्भ कल्याणक पूजन तथा गुरु आमंत्रण के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके पश्चात बैंड-बाजों और सुसज्जित रथों के साथ विशाल घट यात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से होती हुई जालूकी रोड स्थित खंडेलवाल शिक्षण संस्थान परिसर में बने “धर्म नगरी अयोध्या” पहुंची।

    यात्रा के दौरान खंडेलवाल समाज सहित विभिन्न व्यापारी एवं सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत कर पुष्पवर्षा की। धर्म नगरी पहुंचने पर ध्वजारोहण, मंडप सिद्धि, इंद्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा, मंगल कलश स्थापना, जप स्थापना तथा वेदी शुद्धि जैसे धार्मिक अनुष्ठान शास्त्रीय विधि-विधान से पंडित अरविंद जैन के निर्देशन में संपन्न हुए।

    अपने मंगल प्रवचनों में आचार्य श्री ज्ञानभूषण जी महाराज ने कहा कि भारतीय दर्शन में पाषाण और मनुष्य की स्थिति भिन्न हो सकती है, लेकिन दोनों का अंतिम लक्ष्य आध्यात्मिक उत्कर्ष है। उन्होंने बताया कि मंत्रों, श्रद्धा और शुद्ध संकल्प के माध्यम से मूर्ति पूजनीय बनती है, जबकि जैन दर्शन के अनुसार प्रत्येक मनुष्य सही साधना और श्रेष्ठ कर्मों के बल पर परमात्मा पद प्राप्त करने की क्षमता रखता है।

    दोपहर में माता मरुदेवी की गोद भराई की पारंपरिक रस्म श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। वहीं शाम को आरती, शास्त्र प्रवचन तथा रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

    आयोजन समिति के अनुसार 23 जून को प्रातः अयोध्या नगरी से भगवान के जन्म कल्याणक की भव्य शोभायात्रा ऐरावत हाथी की अगुवाई में निकाली जाएगी। इसके बाद पांडुकशिला पर कलशों से अभिषेक एवं जन्माभिषेक सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।

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