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    घर के बाहर नेम प्लेट लगाने से पहले जरूर जान लें ये 5 नियम, वरना हो सकता है भारी नुकसान!

    घर का मुख्य द्वार सिर्फ घर में प्रवेश करने का रास्ता नहीं माना जाता, बल्कि वास्तु शास्त्र में इसे घर की ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान बताया गया है. यही वजह है कि मुख्य द्वार पर लगी नेम प्लेट को लेकर भी कई वास्तु नियम बताए गए हैं. मान्यता है कि सही दिशा, सही रंग और उचित डिजाइन की नेम प्लेट घर के वातावरण में सकारात्मकता बनाए रखने में सहायक हो सकती है और परिवार के सदस्यों पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ता है. वहीं अगर गलत तरीक से घर के बाहर नेम प्लेट लगी हुई है तो कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है. अगर आप भी घर के बाहर नई नेम प्लेट लगवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो वास्तु से जुड़ी इन बातों को जरूर जान लें.

    नेम प्लेट के ऊपर लगाएं फोकस लाइट
    वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर लगी नेम प्लेट स्पष्ट और रोशनी में दिखाई देनी चाहिए. इसके लिए नेम प्लेट के ठीक ऊपर एक फोकस लाइट लगाना शुभ माना जाता है. इससे शाम और रात के समय भी नेम प्लेट आसानी से दिखाई देती है और प्रवेश स्थान रोशन रहता है. वास्तु अनुसार नेम प्लेट के ऊपर पीले रंग का बल्ब लगाना उत्तम माना जाता है, जिसे आपका नाम साफ दिखाई दे.
    नेम प्लेट के लिए सही दिशा का रखें ध्यान
    वास्तु के अनुसार नेम प्लेट लगाने के लिए पूर्व दिशा को प्राथमिकता दी जा सकती है. पूर्व दिशा को सूर्य और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि घर की बनावट और मुख्य द्वार की दिशा के अनुसार नेम प्लेट का स्थान तय करना बेहतर माना जाता है. नेम प्लेट लगवाते समय ध्यान रखें कि नेम प्लेट हमेशा गेट के राइट साइड पर लगवाना चाहिए.
    नेम प्लेट पर तस्वीर या चिन्ह लगाने से बचें
    नेम प्लेट को धार्मिक वेदी या पूजा स्थल का विकल्प नहीं बनाना चाहिए. वास्तु मान्यताओं के अनुसार नेम प्लेट पर किसी देवी-देवता की तस्वीर या प्रतिमा का चिन्ह लगाने से बचना चाहिए. हालांकि स्वास्तिक और ॐ जैसे शुभ प्रतीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इन्हें भारतीय धार्मिक परंपरा में मंगल और शुभता से जोड़ा जाता है. इससे आपके घर का माहौल भी अच्छा बना रहता है.
    लकड़ी या पत्थर की नेम प्लेट
    वास्तु अनुसार, नेम प्लेट लगवाने में धातु की भी बड़ी भूमिका होती है. नेम प्लेट में लकड़ी या पत्थर जैसी प्राकृतिक सामग्री को प्राथमिकता दी जाती है. प्लास्टिक की नेम प्लेट लगाने से बचने की सलाह दी जाती है, ऐसा करने से घर के सदस्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. नेम प्लेट मजबूत, साफ-सुथरी और ऐसी होनी चाहिए जिस पर लिखा नाम आसानी से पढ़ा जा सके.
    नेम प्लेट पर नाम का रखें ध्यान
    नेम प्लेट को बहुत ज्यादा जानकारी से भरने के बजाय उस पर केवल अपना नाम और प्रोफेशन लिखवाने की सलाह दी जाती है. इससे नेम प्लेट सादगीपूर्ण और स्पष्ट दिखाई देती है. नेम प्लेट पर नाम लिखवाने के लिए गोल्डन कलर का इस्तेमाल किया जा सकता है. वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में सुनहरे रंग को समृद्धि, वैभव और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि रंग का चुनाव घर के मुख्य द्वार और नेम प्लेट की पूरी डिजाइन के साथ संतुलित होना चाहिए.

     

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