More
    Homeराजस्थानजयपुरWHO तक पहुंचा नकली दवा का मामला, भारत सरकार से मांगी गई...

    WHO तक पहुंचा नकली दवा का मामला, भारत सरकार से मांगी गई रिपोर्ट

    कोटा। शिक्षा नगरी कोटा के जेके लोन अस्पताल और सुपर स्पेशियलिटी विंग में सिजेरियन ऑपरेशन (प्रसव) के बाद महिलाओं की मौत के बेहद गंभीर मामले में प्रशासन ने एक और बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। औषधि नियंत्रण विभाग ने सरकारी अस्पतालों में नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की खेप सप्लाई करने वाली कोटा की स्थानीय फर्म का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इससे पहले इस जानलेवा नेटवर्क से जुड़ी अमृतसर की मुख्य दवा निर्माता कंपनी का लाइसेंस भी रद्द किया जा चुका है।

    दवाइयों की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा; जांच में गायब मिला जरूरी साल्ट

    सहायक औषधि नियंत्रक देवेंद्र गर्ग द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक, अस्पतालों को भेजे गए 'टोसिन' (ऑक्सीटोसिन) इंजेक्शन प्रयोगशाला जांच में पूरी तरह सब-स्टैंडर्ड और नकली पाए गए हैं। लैब टेस्टिंग की रिपोर्ट में इन इंजेक्शनों के भीतर मुख्य जीवनरक्षक साल्ट (ऑक्सीटोसिन) की मात्रा शून्य प्रतिशत मिली है। इसके अलावा, जांच में एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। फर्म ने अमृतसर की मैसर्स जैक्सन लेबोरेट्री से महज 9,300 डोज खरीदे थे, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में 10,050 डोज की बिक्री दिखा दी। ड्रग विभाग अब इस बात की तफ्तीश कर रहा है कि बिना बिल के ये अतिरिक्त 750 नकली इंजेक्शन कहां से और किसके माध्यम से मंगाए गए थे।

    निरीक्षण के दौरान मिलीं कई गंभीर अनियमितताएं, कारण बताओ नोटिस का नहीं मिला सही जवाब

    बीती 19 मई को इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित इस फर्म पर ड्रग विभाग की टीम ने अचानक छापा मारा था। निरीक्षण के दौरान फर्म से जुड़े फार्मासिस्ट शादाब खान मौके से नदारद थे, जबकि नियमों के विरुद्ध फर्म संचालक महेश मित्तल स्वयं गैर-कानूनी ढंग से दवाओं की बिक्री कर रहे थे। इन गंभीर लापरवाहियों और अनियमितताओं को देखते हुए विभाग ने 21 मई को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर जवाब मांगा था। फर्म संचालक की ओर से कोई भी संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए फर्म को हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंजा कोटा का मामला, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वतः संज्ञान लेकर मांगी डिटेल

    कोटा के सरकारी अस्पताल में हुई प्रसूताओं की मौत का यह खौफनाक मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस घटना पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है। डब्ल्यूएचओ ने भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। वैश्विक संस्था ने विशेष रूप से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या इस बैच के नकली इंजेक्शन भारत के अलावा किसी अन्य देश में भी एक्सपोर्ट (सप्लाई) किए गए हैं? यदि ऐसा है, तो उन देशों के नाम सार्वजनिक किए जाएं ताकि वहां भी समय रहते अलर्ट जारी कर इस जानलेवा नेटवर्क पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल, ड्रग विभाग के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी इस अंतरराज्यीय नकली दवा रैकेट के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुटी हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here