गुवाहाटी : असम में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर और निर्णायक कार्रवाई होने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आगामी 1 नवंबर से अगले 30 दिनों तक पूरे असम राज्य में बाल विवाह के खिलाफ एक व्यापक और सख्त अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने असम पुलिस को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस सामाजिक अपराध में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ बिना किसी नरमी या ढिलाई के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
गुवाहाटी में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान असम सरकार ने बाल विवाह की प्रथा को रोकने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, और अब इस अभियान को और अधिक आक्रामक गति दी जाएगी।
पिछले पांच वर्षों में हुई रिकॉर्ड गिरफ्तारियां
मुख्यमंत्री के आंकड़ों के अनुसार, असम में बीते पांच वर्षों के भीतर बाल विवाह से जुड़े कुल 12,196 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके तहत अब तक 11,099 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरमा ने कहा कि राज्य में की गई इन सख्त कानूनी कार्रवाइयों का सकारात्मक असर अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। राज्य में बाल विवाह की घटनाओं में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके परिणामस्वरूप उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में बेटियों (छात्राओं) के दाखिले में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने गर्व के साथ कहा, "बाल विवाह के खिलाफ चल रही इस जंग में असम की प्रतिबद्धता और सफलता पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन चुकी है।" मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उन्होंने वर्ष 2021 में इसी तिरंगे ध्वज के नीचे खड़े होकर असम से बाल विवाह की इस कुरीति को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लिया था।
आगामी अभियान की रूपरेखा
मुख्यमंत्री सरमा ने दोहराया कि उन्होंने असम पुलिस को आगामी 1 नवंबर से लगातार 30 दिनों तक बाल विवाह के खिलाफ बिना किसी रियायत के विशेष अभियान चलाने का फरमान जारी किया है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह में शामिल आयोजकों, संरक्षकों और अन्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर उन्हें सजा दिलाना है।
बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के चहुंमुखी विकास को लेकर कई महत्वाकांक्षी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 से 2031 के बीच असम के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास पर कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ‘विकसित असम 2047’ के विजन के तहत राज्य सरकार अपने आंतरिक संसाधनों से 50,000 करोड़ रुपये पूंजीगत कार्यों (कैपिटल वर्क्स) पर लगाएगी, जिसमें सड़कों का निर्माण, आधुनिक स्कूलों का विकास, शहरीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों का उत्थान शामिल है। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार से 1 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निवेश का प्रस्ताव मांगा जाएगा, जिससे आगामी पांच वर्षों में कुल प्रस्तावित निवेश का यह बड़ा आंकड़ा हासिल होगा।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं से जुड़ी पांच प्रमुख बातें
बाल विवाह के खिलाफ विशेष अभियान: 1 नवंबर से पूरे एक महीने तक पूरे असम राज्य में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी संख्या में मामले और गिरफ्तारियां: पिछले पांच वर्षों में 12,196 मामले दर्ज कर 11,099 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
भारी-भरकम निवेश: वर्ष 2026 से 2031 के बीच बुनियादी ढांचे के विकास पर 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
युवाओं के लिए नया प्रशासनिक विभाग: राज्य के युवाओं के विकास और सशक्तीकरण के लिए एक अलग और समर्पित विभाग का गठन किया जाएगा।
कड़े प्रशासनिक कदम: बहुविवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सरकार का शिकंजा लगातार कसता रहेगा।
2 अक्टूबर से 'मिशन सद्भावना-2' की शुरुआत
मुख्यमंत्री सरमा ने आगामी 2 अक्टूबर को 'मिशन सद्भावना-2' का शुभारंभ करने की भी घोषणा की। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में लम्बित पड़ी फाइलों और आवेदनों का त्वरित निस्तारण करना है। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बनेगी, जिससे आम नागरिकों की शिकायतों और जरूरतों का समय पर समाधान हो सकेगा।
इसके साथ ही, उन्होंने युवाओं के विकास और उनके सशक्त भविष्य के लिए एक अलग 'युवा विकास और सशक्तीकरण विभाग' बनाने का भी ऐलान किया। सरमा ने कहा कि वह आज की युवा पीढ़ी को 'जेन जी' या 'जेन अल्फा' जैसी कृत्रिम श्रेणियों में नहीं बांटते हैं, बल्कि उनके लिए राज्य का प्रत्येक युवा यहां का बेटा और बेटी है, जो असम के उज्ज्वल भविष्य का आधार हैं।
दिसंबर में आएगा 'मिशन बसुंधरा 4.0' और भूमि खरीद पर नई शर्तें
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भूमि प्रबंधन को और सुगम बनाने के लिए 'मिशन बसुंधरा 4.0' इसी वर्ष दिसंबर माह में शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिन्हित 40 राजस्व मंडलों में जमीन की खरीद-फरोख्त केवल उन्हीं लोगों को करने की अनुमति दी जाएगी, जो वहां कम से कम तीन पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं। इसके अलावा, ऐतिहासिक कॉटन कॉलेज के 125 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उन्होंने संस्थान के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया।
बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर आर्थिक कार्रवाई
मुख्यमंत्री सरमा ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी बहुविवाह (एक से अधिक विवाह) जैसी प्रथा में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी आर्थिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे दोषी कर्मचारी के कुल मासिक वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा काटकर सीधे उसकी कानूनी पत्नी को भत्ते के रूप में दिया जाएगा, बशर्ते पीड़ित पत्नी द्वारा इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाए।


