उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर इलाके में मोहर्रम के जुलूस के दौरान क्रेन से हवा में लटकाए गए एक मैजिक वाहन में हुए धमाके का मामला बेहद गंभीर हो गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत एक्शन में आ गईं। पुलिस ने मामले में इस्तेमाल किए गए मैजिक वाहन और क्रेन को पहले ही जब्त कर लिया था। अब इस बात की गहराई से पड़ताल की जा रही है कि यह धमाका कैसे हुआ और इसके पीछे की असली वजह क्या थी।
कलेक्टर ने दिए रासुका (NSA) के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन के कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने इस घटना के आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, जिले के उन्हेल, नागदा और महिदपुर जैसे संवेदनशील इलाकों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और विस्तृत होगी।
एटीएस (ATS) की टीम करेगी जांच
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को भी जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच एजेंसियां हर एंगल से यह पता लगाने में जुटी हैं कि मैजिक गाड़ी में हुआ यह ब्लास्ट महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी। घटनास्थल से मिले सबूतों और जब्त वाहन की तकनीकी (फॉरेंसिक) जांच भी कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विधायक रामेश्वर शर्मा ने खड़े किए गंभीर सवाल
इस घटना पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोपियों पर हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि अगर धमाके के बाद गाड़ी के टुकड़े, कांच या आग नीचे खड़े लोगों पर गिरती, तो कई लोगों की जान जा सकती थी।
विधायक ने प्रशासन से कई सीधे सवाल पूछे हैं:
धमाके के लिए इस्तेमाल की गई विस्फोटक सामग्री कहाँ से लाई गई थी?
क्या यह कोई सामान्य घटना थी या इसके पीछे पहले से तय कोई साजिश थी?
घटना के समय 'ले फिर आ गए' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किस मकसद से किया गया था?
अगर इस धमाके से कोई बड़ी अनहोनी हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?
फिलहाल, प्रशासन ने आम जनता से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारियों पर ही भरोसा करने की अपील की है। सच क्या है, यह पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।


