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    नताली हार्प को लेकर ट्रंप की दीवानगी की चर्चा, सीनियर्स तक रह गए पीछे

    वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोर टीम में विदेश मंत्री मार्को रुबियो, स्टीफन मिलर और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट जैसे दिग्गज और प्रभावशाली चेहरे शामिल हैं। हालांकि, ट्रंप के सबसे करीबी आंतरिक घेरे (इनर सर्कल) में एक ऐसा चेहरा भी है, जो किसी बड़े संवैधानिक पद पर न होने के बावजूद अपनी असाधारण पहुंच के कारण हमेशा चर्चा में रहता है। यह नाम है 35 वर्षीय नताली हार्प का, जो राष्ट्रपति की एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट के रूप में कार्य करती हैं। हाल ही में तुर्की दौरे के दौरान हुए एक बेहद गोपनीय सुरक्षा घटनाक्रम ने उनके प्रभाव को एक बार फिर रेखांकित किया है।

    वरिष्ठ मंत्री छूटे, छोटे विमान में मिली जगह

    तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान जब ईरान से संभावित सुरक्षा खतरे की खुफिया सूचना मिली, तो सीक्रेट सर्विस की सलाह पर ट्रंप ने अपने मुख्य विमान 'एयर फोर्स वन' को छोड़ने का बड़ा निर्णय लिया। वे एक छोटे सी-32ए जेट में सवार होकर वहां से गुप्त रूप से रवाना हुए। इस आपातकालीन सफर की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि मार्को रुबियो और स्टीफन मिलर जैसे बड़े नीति-निर्माता मुख्य विमान में ही मौजूद रहे, जबकि नताली हार्प उन चुनिंदा करीबियों में शामिल थीं जिन्हें ट्रंप ने अपने साथ उस सैन्य उड़ान में जगह दी।

    टीवी एंकर से 'ह्यूमन प्रिंटर' बनने का सफर

    पॉइंट लोमा नजारिन यूनिवर्सिटी से स्नातक और लिबर्टी यूनिवर्सिटी से एमबीए करने वाली नताली हार्प पहली बार 2019 में तब सुर्खियों में आईं, जब उन्होंने ट्रंप के 'राइट टू ट्राई' कानून का सार्वजनिक समर्थन किया। इसके बाद 2020 के चुनाव अभियान और रिपब्लिकन कन्वेंशन में अपनी पहचान बनाने के बाद वे एक मीडिया संस्थान में एंकर रहीं और फिर ट्रंप के मार-ए-लागो एस्टेट में उनकी टीम से जुड़ गईं। काम के दौरान उन्हें 'ह्यूमन प्रिंटर' का अनोखा उपनाम मिला, क्योंकि वे राष्ट्रपति के लिए देश-दुनिया की खबरें, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और लेखों के प्रिंटआउट हमेशा साथ रखती थीं—क्योंकि ट्रंप डिजिटल स्क्रीन के बजाय कागजों पर पढ़ना पसंद करते हैं।

    आधिकारिक पद से परे व्यक्तिगत वफादारी की ताकत

    नताली हार्प की असली शक्ति किसी प्रशासनिक पद से नहीं, बल्कि राष्ट्रपति तक उनकी निर्बाध और सीधी पहुंच से आती है। वे राष्ट्रपति की उच्चस्तरीय बैठकों में मौजूद रहती हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स के प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाती हैं। आपातकालीन स्थिति में डिकॉय जेट में उनका साथ होना यह साबित करता है कि व्हाइट हाउस की पावर पॉलिटिक्स में कई बार आधिकारिक पद से ज्यादा प्रभाव राष्ट्रपति के प्रति अटूट व्यक्तिगत वफादारी और नजदीकी का होता है।

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