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    तारातला गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 16, चौथे दिन भी जारी रेस्क्यू ऑपरेशन

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक गोदाम के मलबे में तब्दील होने की भीषण दुर्घटना में मरने वालों का आंकड़ा शनिवार को बढ़कर 16 तक पहुंच गया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल एक और व्यक्ति ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस बीच विभिन्न आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बचाव दल घटना के चौथे दिन भी मलबे के विशाल ढेर में जिंदगी की तलाश करने और फंसे हुए लोगों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।

    खोज अभियान के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग

    राहत कार्य में जुटे प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मलबे की गहराई में फंसे संभावित जीवित व्यक्तियों का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक कैमरों की मदद ली जा रही है। इसके अतिरिक्त, तकनीकी टीमें मोबाइल फोन टावर के डेटा का विश्लेषण कर रही हैं ताकि मलबे के नीचे सक्रिय फोन रखने वाले व्यक्तियों की सटीक लोकेशन का निर्धारण किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता खोज और जीवन रक्षा अभियान को सफलतापूर्वक पूर्ण करना है, जिसके तहत ढही हुई संरचना के प्रत्येक हिस्से की बेहद बारीकी से पड़ताल की जा रही है। मलबे को पूरी तरह हटाने की भारी मशीनरी का प्रयोग तभी किया जाएगा, जब यह सुनिश्चित हो जाएगा कि अब कोई भी व्यक्ति अंदर नहीं दबा है।

    अस्पताल में एक और घायल की मौत और रेस्क्यू की स्थिति

    प्रशासनिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि बसन्ती क्षेत्र के रहने वाले घायल नागरिक खालिक सरदार का अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इस दुखद क्षति के बाद हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 16 हो गई है, जबकि 17 अन्य घायलों का विभिन्न चिकित्सालयों में उपचार किया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन को अत्यधिक सतर्कता और वैज्ञानिक ढंग से अंजाम दिया जा रहा है ताकि वहां काम कर रहे बचाव कर्मियों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो और मलबे में दबे किसी भी पीड़ित को सुरक्षित निकाला जा सके।

    भारतीय रेलवे का सहयोग और दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच

    उल्लेखनीय है कि बुधवार की दोपहर को यह निर्माणाधीन गोदाम अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया था। मलबे में तब्दील हुई मुड़ी हुई स्टील और लोहे की भारी संरचनाओं को काटने व हटाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने भारतीय रेलवे से तकनीकी सहायता मांगी थी, जिसके बाद शुक्रवार से रेलवे की विशेषज्ञ टीमें और कटर मशीनें भी इस महाअभियान का हिस्सा बन चुकी हैं। इस हादसे के संबंध में दर्ज की गई प्राथमिकी (एफआईआर) में नामजद पांच आरोपियों में से मुख्य ठेकेदार का शव भी घटनास्थल के मलबे से ही बरामद हुआ है। पुलिस प्रशासन ने गोदाम के गिरने के वास्तविक तकनीकी कारणों और निर्माण की गुणवत्ता का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है।

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