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    तालाब में डूबने से चचेरे भाइयों की मौत, एक ही परिवार के दो चिराग बुझने से मातम

    बूंदी:जिले के नैनवां क्षेत्र में शनिवार को एक बेहद हृदयविदारक हादसा सामने आया, जहां एक फार्म पॉन्ड (खेत तालाब) में नहाने उतरे दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत हो गई। दोनों किशोर अपने परिवार के साथ एक रिश्तेदार के घर आयोजित सामाजिक कार्यक्रम (रसोई) में शामिल होने आए थे। इस दुखद घटना के बाद जिस घर में कुछ देर पहले तक खुशियां और हंसी-मजाक का माहौल था, वहां पलभर में चीख-पुकार मच गई। हादसे की खबर मिलते ही प्रभावित दोनों गांवों में गहरा शोक व्याप्त हो गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    नहाते समय गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, करवर थाना इलाके के फटूकड़ा गांव के रहने वाले 16 वर्षीय अंकित और 18 वर्षीय किरोड़ी अपने माता-पिता व परिजनों के साथ बीजलबा गांव में एक पारिवारिक आयोजन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। शनिवार सुबह के समय दोनों भाई अपने एक अन्य रिश्तेदार के बेटे के साथ गांव में ही बने एक फार्म पॉन्ड पर नहाने के लिए चले गए। नहाने के दौरान दोनों किशोरों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं रहा और वे गहरे पानी की तरफ बढ़ गए। तैरना न आने के कारण दोनों पानी में डूबने लगे और खुद को बचाने के लिए संघर्ष करने लगे। किनारे पर मौजूद तीसरे किशोर ने जब उन्हें डूबते देखा, तो वह घबरा गया और तुरंत दौड़कर गांव पहुंचा और परिजनों को पूरी बात बताई।

    अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

    घटना की भनक लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और बदहवास परिजन मौके की तरफ दौड़े। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए पानी में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद दोनों भाइयों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला। आनन-फानन में 108 एम्बुलेंस की मदद से दोनों को नैनवां उप जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में तैनात चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही नैनवां थाना पुलिस की टीम अस्पताल और मौका-ए-वारदात पर पहुंची। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर शवों को मोर्चरी में रखवा दिया है। वहीं, तहसीलदार रामराय मीणा ने भी अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली।

    सुरक्षा के इंतजाम होते तो टल सकता था हादसा

    इस असमय हादसे ने एक ही झटके में फटूकड़ा और बीजलबा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों की चीखें सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इस हादसे को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में इस बात का मलाल है कि क्षेत्र में बने इन फार्म पॉन्ड्स के आसपास सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। लोगों का कहना है कि अगर इन गहरे तालाबों के चारों तरफ तारबंदी, बैरिकेडिंग या गहरे पानी की चेतावनी देने वाले बोर्ड लगाए गए होते, तो शायद इन बच्चों की जान बच सकती थी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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