कुरुक्षेत्र: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि अमृत सरोवर प्लस योजना के माध्यम से एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण का रास्ता साफ हो रहा है। उन्होंने देश के विकास में ग्रामीण क्षेत्रों के योगदान को बेहद महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुए ग्रामीण तालाबों का लोकार्पण भी किया और क्षेत्र के लोगों को बधाई दी।
ग्रामीण विकास से ही संभव है विकसित भारत का सपना
लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि साल 2047 तक देश को एक पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में हमारे गांवों की सबसे बड़ी भूमिका रहने वाली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी गांव का सर्वांगीण विकास वहां के पारंपरिक तालाबों के जीर्णोद्धार, खेलकूद के मैदानों की बेहतरी, खेतों-खलिहानों की संपन्नता और पर्यावरण संरक्षण के साथ ही संभव हो सकता है। जब तक हमारे गांव बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों से मजबूत नहीं होंगे, तब तक आत्मनिर्भर प्रदेश की कल्पना अधूरी है।
तालाबों के रख-रखाव के लिए जनभागीदारी जरूरी
कृषि मंत्री ने पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में सामुदायिक प्रयासों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से तालाबों के निर्माण और उनकी मरम्मत का काम पूरी जिम्मेदारी से कर सकती है, लेकिन इन प्राकृतिक संसाधनों को हमेशा जीवंत और साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए स्थानीय नागरिकों के सहयोग की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ग्रामीणों को इन सरोवरों को अपनी धरोहर मानकर इनकी देखभाल करनी होगी ताकि आने वाली पीढ़ियों को पानी के संकट से बचाया जा सके।
करोड़ों रुपये की लागत से सरोवरों का जीर्णोद्धार
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने ग्रामीण अंचलों के विकास को गति देते हुए 6 करोड़ 18 लाख 33 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि से तैयार विभिन्न गांवों के 15 तालाबों का विधिवत उद्घाटन किया। इन तालाबों के आधुनिक तरीके से विकसित होने के बाद क्षेत्र में जल स्तर सुधरने के साथ-साथ पशुओं और आम जनता के लिए पानी की उपलब्धता आसान होगी। प्रशासन का मानना है कि अमृत सरोवर प्लस योजना के तहत उठाए गए इस कदम से ग्रामीण इलाकों के पर्यावरण में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।


