योजना की रामगढ़ में जन सम्मेलन के साथ शुरुआत, रोजगार सुरक्षा और आजीविका सशक्तिकरण पर रहेगा विशेष फोकस
अलवर। केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (वीबी-जी राम जी)’ योजना का जिला स्तरीय जन सम्मेलन एवं शुभारंभ कार्यक्रम गुरुवार को रामगढ़ उपखंड की ग्राम पंचायत मूनपुर तथा मिनी सचिवालय के वीसी कक्ष में आयोजित किया गया। इस दौरान आंध्र प्रदेश के तिरुपति में आयोजित राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा गया।
राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता तथा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में योजना का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रविंद्र गौरव सालूखे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम“ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी
वीबी-जी राम जी योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार उपलब्ध कराना, समयबद्ध मजदूरी सुनिश्चित करना तथा आजीविका सुरक्षा को मजबूत बनाना है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की जाएगी।
यदि मांग के अनुरूप रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो पात्र परिवार को नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। वहीं कार्य पूर्ण होने के बाद 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर श्रमिकों को मुआवजा भी दिया जाएगा।
कमजोर वर्गों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता
योजना के अंतर्गत महिला मुखिया वाले परिवार, दिव्यांगजन, 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, एकल महिलाएं, ट्रांसजेंडर व्यक्ति तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इन वर्गों के लिए विशेष रोजगार गारंटी कार्ड जारी किए जाएंगे तथा कार्यस्थलों पर आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
छोटे बच्चों वाली महिला श्रमिकों के लिए कार्यस्थलों पर बच्चों की देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी प्रावधान किया गया है।
जल संरक्षण और ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता
योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की योजना तैयार की जाएगी। जल संरक्षण, तालाब निर्माण, चेक डैम, सड़क निर्माण, पंचायत भवन, विद्यालय, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, आपदा प्रबंधन तथा आजीविका संवर्धन जैसे कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी। सभी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कार्यस्थलों पर आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित की जाएंगी।
खेती प्रभावित न हो, इसलिए विशेष प्रावधान
किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बुवाई एवं कटाई के प्रमुख कृषि सीजन के दौरान अधिकतम 60 दिनों तक नए रोजगार कार्य प्रारंभ नहीं किए जाएंगे, ताकि कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रह सकें और खेती प्रभावित न हो।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर पलायन रोकना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।
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