भगवान शिव को समर्पित सोमवार का व्रत हिंदू धर्म में बेहद श्रद्धा और आस्था के साथ रखा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को विधि-विधान से करने पर भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है. वहीं 30 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू होने वाला है और सावन के पहले सोमवार का व्रत 3 अगस्त को रखा जाएगा. कई श्रद्धालु सोमवार के व्रत में पूरे दिन निराहार रहते हैं, जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं. लेकिन काफी लोग सोमवार व्रत में यह सवाल पूछते हैं कि इस शुभ दिन पर नमक खाना चाहिए या नहीं. अगर खाना चाहिए तो कौन सा नमक खाना चाहिए. आइए जानते हैं सोमवार के दिन नमक खाना चाहिए या नहीं…
30 जुलाई से सावन मास प्रारंभ
सावन 2026 का पवित्र महीना 30 जुलाई दिन गुरुवार से शुरू होने वाला है और इस पवित्र महीने का पहला सावन सोमवार का व्रत 3 अगस्त 2026 को रखा जाएगा. शिव भक्तों के लिए सावन का महीना बेहद खास होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में भगवान शिव स्वयं सृष्टि का संचालन करते हैं. इस पवित्र महीने में सावन सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ में चल रही परेशानियों से भी मुक्ति मिलती है. इस बार सावन में चार सोमवार के व्रत किए जाएंगे.
पहला सावन सोमवार व्रत: 3 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार व्रत: 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार व्रत: 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार व्रत: 24 अगस्त 2026
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सोमवार व्रत में कौन सा नमक खाएं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार व्रत में सामान्य नमक (साधारण या समुद्री नमक) का सेवन नहीं करना चाहिए. व्रत के दौरान सात्विकता और इंद्रियों पर नियंत्रण को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है. माना जाता है कि साधारण नमक भोजन में स्वाद और भोग की भावना को बढ़ाता है, जबकि व्रत का उद्देश्य मन, वचन और शरीर की शुद्धि के साथ भगवान शिव की आराधना करना होता है. इसलिए कई लोग सोमवार के व्रत में सामान्य नमक यानी सफेद वाला नमक से पूरी तरह परहेज करते हैं.
सोमवार व्रत में यह नमक खाएं
सोमवार व्रत में अगर कोई श्रद्धालु फलाहार करता है तो वह सेंधा नमक का सीमित मात्रा में उपयोग कर सकता है. धार्मिक परंपराओं में सेंधा नमक को शुद्ध और सात्विक माना गया है, इसलिए अधिकांश व्रतों में इसका प्रयोग स्वीकार्य माना जाता है. यही कारण है कि व्रत में बनने वाले आलू, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे के व्यंजनों में सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है.
इसलिए नहीं खाया जाता नमक
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार का व्रत संयम, आत्मनियंत्रण और भगवान शिव के प्रति समर्पण का प्रतीक है. नमक का त्याग व्यक्ति को अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखने और आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है. इसी वजह से कई श्रद्धालु इस दिन केवल फल, दूध, दही और अन्य सात्विक खाद्य पदार्थों का ही सेवन करते हैं.
सोमवार व्रत पूजा विधि
धार्मिक मान्यता है कि सोमवार व्रत के दौरान शिवलिंग का जलाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद चंदन और अक्षत अर्पित करने के साथ ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि सच्ची श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए सोमवार व्रत से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.


