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    Homeदेशबारिश से महाराष्ट्र में तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त; सीएम ने बुलाई आपात बैठक

    बारिश से महाराष्ट्र में तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त; सीएम ने बुलाई आपात बैठक

    मुंबई: महाराष्ट्र में भारी बारिश और बिगड़ते मौसम ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते राज्य में अब तक 13 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। आपदा राहत मंत्री गिरीश महाजन ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि मुंबई, पालघर और रायगढ़ जिलों में इस बार रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जो इस तबाही का मुख्य कारण बनी है।

    हाई टाइड और तेज हवाओं का अलर्ट, सीएम ने संभाला मोर्चा

    बिगड़ते हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय के डिजास्टर कंट्रोल रूम में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में आपदा राहत मंत्री गिरीश महाजन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि दोपहर 3 बजे के बाद मुंबई के तटीय इलाकों में हाई टाइड (समुद्र में ऊंची लहरें) आने की आशंका है। यदि इस दौरान भारी बारिश जारी रही, तो शहर में जल-जमाव की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा, दोपहर के बाद 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। एहतियात के तौर पर भूस्खलन के खतरे वाले संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जनता से गैर-जरूरी यात्राओं से बचने और पर्यटन स्थलों या झरनों के पास न जाने की अपील की है।

    हवाई सेवा चरमराई, विधानसभा की कार्यवाही स्थगित

    खराब मौसम का सीधा असर मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। भारी बारिश और दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने के कारण सुबह 11:30 बजे तक 17 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 217 उड़ानों के समय में देरी हुई। इस प्राकृतिक संकट का असर राजनीतिक गलियारों में भी दिखा, जहां सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से संकट की इस घड़ी में प्रशासन का सहयोग करने को कहा है।

    विपक्ष के तीखे सवाल और भ्रष्टाचार के आरोप

    इस आपदा को लेकर अब राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' सेक्शन पर हुए भूस्खलन को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्की बारिश में ही इस मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे और आज पूरी मुख्य सड़क ढह गई, जो इस निर्माण कार्य में हुए भारी भ्रष्टाचार और घटिया दर्जे के काम को उजागर करता है। वहीं, कांग्रेस एमएलसी सतेज (बंटी) ज्ञानदेव पाटिल ने भी सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए इसे प्रशासन की बड़ी नाकामी बताया। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की अग्रिम चेतावनी के बावजूद उचित कदम नहीं उठाए गए, जिससे मुंबई जैसे अंतरराष्ट्रीय शहर की छवि प्रभावित हो रही है। विपक्ष ने इन हादसों की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रशासन का बचाव करते हुए कहा कि दीवार गिरने और भूस्खलन जैसी घटनाएं अत्यधिक बारिश का परिणाम हैं, न कि प्रशासनिक लापरवाही। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी एजेंसियां और नगर निगम अलर्ट मोड पर काम कर रहे हैं।

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