चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह को शांत करने और आगामी चुनावी समर से पहले पार्टी कैडर में एकजुटता फूंकने की कवायद बेहद तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के वरिष्ठ पर्यवेक्षक भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के बीच, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का एक बड़ा बयान सामने आया है। बाजवा ने आश्वस्त करते हुए कहा कि संगठन के भीतर चल रहे छोटे-मोटे वैचारिक मतभेदों को आपसी संवाद के जरिए बहुत जल्द सुलझा लिया जाएगा और सभी धड़े एक साझा मंच पर पूरी मजबूती के साथ नजर आएंगे।
भूपेश बघेल का पंजाब दौरा और नेताओं की नब्ज टटोलना
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस अहम दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी गुटों और वरिष्ठ नेताओं से वन-टू-वन मुलाकात करना है। इस कवायद के जरिए आलाकमान पार्टी के भीतर की जमीनी हकीकत और नेताओं की शिकायतों को समझना चाहता है, ताकि समय रहते हर तरह के मनमुटाव को दूर किया जा सके। बाजवा के मुताबिक, पार्टी का मुख्य लक्ष्य आपसी मतभेदों को पूरी तरह खत्म कर आगामी चुनावों के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना और चुनावी तैयारियों पर अपना ध्यान केंद्रित करना है।
साझा मंच पर एकजुटता का दावा
कांग्रेस के भीतर मचे घमासान और विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए बाजवा ने साफ किया कि किसी भी बड़े लोकतांत्रिक संगठन में विचारों की भिन्नता होना स्वाभाविक है। उन्होंने पुरजोर शब्दों में दावा किया कि अगर नेताओं के बीच कहीं कोई संवादहीनता या नाराजगी है, तो उसे शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में सौहार्दपूर्ण ढंग से हल कर लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी नेता निजी हितों को दरकिनार कर कांग्रेस के झंडे तले एकजुट होंगे, जिससे आगामी राजनीतिक चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया जा सके।


