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    IAS निधि खरे ने बढ़ाया भारत का मान, संयुक्त राष्ट्र की विशेषज्ञ समिति की संभाली कमान

    रांची।  झारखंड कैडर की वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी और केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने वैश्विक पटल पर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्हें संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) के उपभोक्ता संरक्षण कानून एवं नीति पर गठित अंतर सरकारी विशेषज्ञ समूह के नौवें सत्र का सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया है। इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच की कमान संभालना भारत के प्रशासनिक कौशल और उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में किए जा रहे कार्यों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक बड़ी मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

    जिनेवा के पैलेस डेस नेशंस में शुरू हुआ तीन दिवसीय उच्चस्तरीय सम्मेलन

    स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित ऐतिहासिक पैलेस डेस नेशंस में छह से आठ जुलाई तक इस प्रतिष्ठित और उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस विशेष सत्र में दुनिया भर के विभिन्न देशों के राजनयिक, वरिष्ठ प्रतिनिधि, नीति-निर्माता और आर्थिक तथा उपभोक्ता मामलों से जुड़ी नियामक संस्थाओं के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर डिजिटल कॉमर्स के इस दौर में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए मजबूत कानूनी ढांचे और नीतियों पर गहन विचार-विमर्श करना है।

    वैश्विक मंच पर बढ़ी भारत की साख और नेतृत्व क्षमता का लोहा

    इस बेहद प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच की अध्यक्षता के लिए भारत की वरिष्ठ नौकरशाह निधि खरे का चुना जाना बेहद मायने रखता है। यह महत्वपूर्ण विधिक निर्वाचन वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता संरक्षण और लोक कल्याण के क्षेत्र में भारत की लगातार मजबूत होती साख को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माताओं के बीच भारत के प्रभावी नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और सकारात्मक वैश्विक भागीदारी को स्वीकार किया गया है, जो इस नियुक्ति के माध्यम से स्पष्ट रूप से उजागर होता है।

    उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने के लिए तैयार होगी नई वैश्विक नीति

    निधि खरे की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस सत्र के दौरान विभिन्न देशों के बीच उपभोक्ता संरक्षण कानूनों को और अधिक व्यावहारिक बनाने पर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान सीमा पार होने वाले व्यापारिक विवादों के निपटारे, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक और तकनीकी बदलावों के बीच आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित माहौल देने जैसे गंभीर विषयों पर नई नीतियां तय की जाएंगी। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी इस वैश्विक विमर्श को एक नई और जन-कल्याणकारी दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।

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