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    मां की हत्या के लिए 7 लाख की सुपारी, सरकारी नौकरी पाने के आरोप में बेटी गिरफ्तार

    जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में बीते 4 जुलाई को हुई महिला नीरज शर्मा की मौत सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि अनुकंपा नियुक्ति और संपत्ति के लालच में रची गई एक खौफनाक साजिश थी। जयपुर पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मृतका की सगी बेटी आयुषी और जेठ मोहन सहित 7 आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि जेठ का बेटा बलराम फिलहाल फरार है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में कांस्टेबल दयाराम और गणेश की तकनीकी और जमीनी सूचनाओं ने बेहद अहम भूमिका निभाई, जिसके चलते महज कुछ ही दिनों में इस साजिश का पर्दाफाश हो सका।

    सरकारी नौकरी पाने की चाहत में सगी बेटी बनी मां की कातिल

    डीसीपी जयपुर ईस्ट रंजिता शर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि प्रताप नगर थाना क्षेत्र में नीरज शर्मा को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार से कुचलवाया गया था। शुरुआती तफ्तीश में यह सड़क हादसा लग रहा था, लेकिन गहराई से की गई जांच में रिश्तों को शर्मसार करने वाली कहानी सामने आई। दरअसल, नीरज शर्मा के पति अदालत में एलडीसी के पद पर कार्यरत थे, जिनकी एक वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई थी। उनकी जगह नीरज को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिली थी। नीरज की 24 वर्षीय बेटी आयुषी स्वयं उस सरकारी पद को हासिल करना चाहती थी और इसी लालच में उसने अपनी ही मां को रास्ते से हटाने का मन बना लिया।

    ताऊ और भाई के साथ मिलकर दी 7 लाख की सुपारी

    पुलिस जांच के मुताबिक, मां की हत्या करने के लिए आयुषी ने अपने ताऊ मोहन और ताऊ के बेटे बलराम के साथ मिलकर एक सुनियोजित चक्रव्यूह बुना। इन लोगों ने अपने एक करीबी रिश्तेदार हेमंत को नीरज की हत्या करने के लिए ₹7 लाख की फिरौती (सुपारी) दी। इसके बाद हेमंत ने भाड़े के अपराधियों आकाश, अरविंद, रोहित और मोहित को अपने साथ मिलाया और सुनसान सड़क पर नीरज शर्मा को गाड़ी से कुचलकर एक्सीडेंट का रूप दे दिया। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए सभी शूटर और मुख्य आरोपी भरतपुर जिले के मूल निवासी हैं, जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि को खंगाला जा रहा है।

    भाई के संदेह और मुस्तैद गवाहों ने खोला साजिश का राज

    इस पूरे मामले में मोड़ तब आया जब मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा को भांजी आयुषी द्वारा दी गई दुर्घटना की सूचना पर शक हुआ। राकेश ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी बहन लंबे समय से मानसिक तनाव में थी और उसने कई बार फोन पर रोते हुए कहा था कि उसकी बेटी, जेठ और जेठ का बेटा उसे पैतृक संपत्ति के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। इस इनपुट के बाद जब पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास के लोगों से पूछताछ की, तो प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक संदिग्ध गाड़ी काफी देर से रेकी कर रही थी और अचानक तेज रफ्तार में आकर महिला को रौंद दिया। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो और उसके चालक को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पूरी साजिश उगल दी।

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