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    शराब घोटाला केस में ED के सामने पेश हुए पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव

    रांची। झारखंड में बहुचर्चित शराब घोटाला मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई अब तेज हो गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा जारी किए गए दूसरे नोटिस (समन) के अनुपालन में सूबे के पूर्व वित्त मंत्री और वर्तमान विधायक रामेश्वर उरांव मंगलवार को पूछताछ के लिए रांची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने इस घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अवैध निवेश के आरोपों को लेकर उनसे कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है। गौरतलब है कि ठीक एक दिन पहले ही इसी मामले में पूर्व मंत्री के बेटे रोहित उरांव से भी ईडी के आला अधिकारी कई घंटों तक लंबी पूछताछ कर चुके हैं।

    पूर्व उत्पाद नीति में अवैध निवेश और शराब माफिया से सांठगांठ का आरोप

    आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव पर आरोप है कि राज्य की पूर्ववर्ती उत्पाद नीति के क्रियान्वयन के दौरान उन्होंने कथित तौर पर शराब माफियाओं के साथ सांठगांठ की थी। जांच एजेंसी का अंदेशा है कि इस दौरान बड़े पैमाने पर अवैध काली कमाई (ब्लैक मनी) को विभिन्न व्यवसायों और डमी कंपनियों में निवेश किया गया था। इस सिंडिकेट के वित्तीय रूट और अवैध धन के प्रवाह की वास्तविक दिशा का पता लगाने के लिए ईडी पूर्व मंत्री और उनके करीबियों के बैंक खातों तथा चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेजों को खंगाल रही है।

    बाप-बेटे ने मांगा था तीन हफ्ते का समय, ईडी ने दी महज एक सप्ताह की मोहलत

    इस मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो ईडी ने शुरुआत में रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव को 29 जून और स्वयं पूर्व वित्त मंत्री को 30 जून को जांच में शामिल होने के लिए पहला समन भेजा था। हालांकि, उस दौरान पिता-पुत्र दोनों ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए तय तारीखों पर उपस्थित होने में असमर्थता जताई थी और अधिकारियों से विधिक तैयारियों के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय देने की लिखित गुहार लगाई थी। जांच एजेंसी ने उनकी इस मांग को तवज्जो न देते हुए महज एक सप्ताह की मोहलत दी थी और नया समन जारी कर दिया था।

    दूसरे समन के बाद केंद्रीय एजेंसी के समक्ष हाजिर हुए पिता और पुत्र

    प्रवर्तन निदेशालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरा समन जारी कर रोहित उरांव को 6 जुलाई और रामेश्वर उरांव को 7 जुलाई को उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया था। इसी क्रम में तय समय-सारणी के मुताबिक सोमवार 6 जुलाई को रोहित उरांव जांच दल के सामने पेश हुए, जहां उनसे धन के स्रोत को लेकर सवाल-जवाब किए गए। इसके बाद आज 7 जुलाई को लोहरदगा के वर्तमान विधायक सह पूर्व वित्त मंत्री भी केंद्रीय एजेंसी के दफ्तर पहुंचे। इस हाई-प्रोफाइल पूछताछ के बाद झारखंड के सियासी हलकों में हलचल काफी बढ़ गई है।

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