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    पीथमपुर में 272 करोड़ की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमि-पूजन करेंगे सीएम मोहन यादव

    धार: मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में आज, 8 जुलाई 2026 (बुधवार) को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में 'लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के नए अत्याधुनिक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) संयंत्र का भूमि-पूजन करेंगे। यह नया प्लांट चीन की दिग्गज बहुराष्ट्रीय निर्माण उपकरण निर्माता कंपनी 'गुआंग्शी लियुगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड' की भारतीय शाखा द्वारा स्थापित किया जा रहा है। इस मेगा विस्तार के बाद मध्य प्रदेश पूरे देश के भीतर हैवी कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग के एक सबसे बड़े और प्रमुख हब के रूप में उभरकर सामने आएगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी।

    वैश्विक स्तर पर व्हील लोडर बनाने वाली अग्रणी कंपनी है लियुगोंग

    लियुगोंग का शुमार दुनिया की सबसे बड़ी निर्माण उपकरण निर्माता कंपनियों में होता है, जो विशेष रूप से व्हील लोडर बनाने के मामले में ग्लोबल लीडर है। इसके अलावा यह सिंडिकेट एक्सकेवेटर, मोटर ग्रेडर, माइनिंग डंप ट्रक, बुलडोजर, स्किड-स्टियर लोडर, फोर्कलिफ्ट और कोल्ड प्लेनर जैसे अत्याधुनिक माइनिंग व कंस्ट्रक्शन टूल्स तैयार करता है। दिलचस्प बात यह है कि साल 2009 में इसी पीथमपुर इकाई से भारत का पहला 'मेड इन इंडिया' व्हील लोडर बनकर रोल-आउट हुआ था। वर्तमान में पीथमपुर प्लांट में एक एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर और ट्रेनिंग सेंटर भी काम कर रहा है, जहाँ 500 से अधिक भारतीय युवा प्रोफेशनल्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह पूरी विनिर्माण इकाई केंद्र सरकार के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' मिशन को जमीनी स्तर पर मजबूती दे रही है।

    272 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश और संयंत्र की मुख्य विशेषताएं

    पीथमपुर में आकार लेने जा रहे इस नए प्रोजेक्ट की तकनीकी और आर्थिक विशेषताएं इसे बेहद खास बनाती हैं:

    • विशाल भू-भाग और निवेश: यह नया विनिर्माण संयंत्र पीथमपुर में लगभग 20 एकड़ के बड़े भूखंड पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें कंपनी 272 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पूंजी निवेश कर रही है।

    • मजबूत पुराना आधार: लियुगोंग कंपनी साल 2008 से ही पीथमपुर में अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट सफलतापूर्वक संचालित कर रही है। 44 एकड़ से अधिक में फैले इस पुराने सेटअप में सालाना 3,000 व्हील लोडर और मोटर ग्रेडर बनाने की स्थापित क्षमता है।

    • उत्पादन क्षमता में बंपर इजाफा: नए संयंत्र की शुरुआत के साथ प्रारंभिक चरण में ही प्रतिवर्ष 6,500 निर्माण उपकरणों के उत्पादन की बड़ी क्षमता तैयार हो जाएगी, जिसमें मुख्य फोकस बड़े पैमाने पर एक्सकेवेटर (Excavator) के निर्माण पर रहेगा।

    घरेलू विनिर्माण को मिलेगी ताकत और पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर

    इस बड़े वैश्विक निवेश से मध्य प्रदेश और देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र को चौतरफा लाभ मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारी निर्माण मशीनों के मामले में भारत की विदेशी आयात पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी और देश में ही डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इस नए प्लांट के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर सैकड़ों भारतीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए शानदार अवसर पैदा होंगे। लियुगोंग इंडिया का यह बड़ा कदम यह भी साबित करता है कि मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीतियां वैश्विक निवेशकों का भरोसा जीतने में लगातार कामयाब हो रही हैं।

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