More
    Homeदेशबाबा बर्फानी के दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब, एक दिन में...

    बाबा बर्फानी के दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब, एक दिन में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु रवाना

    श्रीनगर: पवित्र अमरनाथ गुफा से शिवभक्तों के लिए एक बेहद निराश करने वाली खबर सामने आई है। इस साल की वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू हुए अभी महज पांच दिन ही बीते हैं, लेकिन बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिमलिंग लगभग पूरी तरह पिघल चुका है। 57 दिनों तक चलने वाली यह पावन तीर्थयात्रा इसी महीने 3 जुलाई से शुरू हुई थी, लेकिन शुरुआती दिनों में ही आए इस बदलाव ने सबको चौंका दिया है।

    सिर्फ पांच दिनों में एक लाख के पार पहुंचे श्रद्धालु

    हिमलिंग के तेजी से पिघलने के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। यात्रा के शुरुआती चार दिनों के भीतर ही करीब 86 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में मत्था टेक लिया था। अमरनाथ श्राइन बोर्ड और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को पांचवें दिन दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों का यह आंकड़ा एक लाख की संख्या को पार कर जाने की उम्मीद है। इस साल बाबा के दर्शन के लिए देश-विदेश से करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने एडवांस रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसका सीधा मतलब है कि अभी भी 3 लाख से ज्यादा भक्तों को पवित्र गुफा तक पहुंचना बाकी है।

    मई में सात फीट का था हिमलिंग, अब 90 फीसदी हिस्सा गायब

    मौसम के बदलते मिजाज और ग्लोबल वार्मिंग का असर इस बार बाबा बर्फानी के आकार पर साफ दिखाई दिया। बीते 23 मई को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों द्वारा जारी की गई आधिकारिक तस्वीर में शिवलिंग का आकार करीब 7 फीट ऊंचा और भव्य था। इसके बाद 29 जून को जब यात्रा की शुरुआत से पहले औपचारिक प्रथम पूजा आयोजित की गई, तब भी हिमलिंग की ऊंचाई 5 फीट से अधिक दर्ज की गई थी। हालांकि, यात्रा शुरू होने के बाद 6 जुलाई को जो ताजा तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें पवित्र हिमलिंग का लगभग 90% हिस्सा गायब यानी पिघल चुका है, जिससे अब केवल पिंडी के ही दर्शन हो पा रहे हैं।

    कठिन रास्तों से लगातार जारी है शिवभक्तों का हुजूम

    हिमलिंग के पिघलने की खबरों के बीच दोनों पारंपरिक मार्गों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। तीर्थयात्री 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और 14 किलोमीटर वाले छोटे लेकिन अत्यधिक सीधे व कठिन बालटाल मार्ग से लगातार पवित्र गुफा की ओर बढ़ रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि आने वाले यात्रियों को कोई असुविधा न हो। अधिकारियों के अनुसार, बाबा बर्फानी की यह यात्रा अपने निर्धारित शेड्यूल के तहत आगामी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व के दिन छड़ी मुबारक की समाप्ति के साथ संपन्न होगी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here