अंबाला। भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में आगामी सत्रह जुलाई का दिन एक नया इतिहास रचने जा रहा है। देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के अंतर्गत पूरी तरह पुनर्विकसित किए गए ग्यारह अत्याधुनिक रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से रेल यात्रा के एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है, जो भारतीय रेलवे की सूरत बदल कर रख देगा।
अंबाला रेल मंडल के चार प्रमुख स्टेशनों को मिला चमचमाता नया स्वरूप
उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले अंबाला रेल मंडल के लिए यह गौरव का क्षण है, क्योंकि प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पित किए जाने वाले स्टेशनों में इस मंडल के चार अत्यंत महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश का अंब अंदौरा, पंजाब का साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) व पवित्र नगरी आनंदपुर साहिब और हरियाणा का ऐतिहासिक कालका रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों को स्थानीय संस्कृति और आधुनिक वास्तुकला के बेजोड़ मेल के साथ नए सिरे से तैयार किया गया है, जो अब पर्यटकों और आम यात्रियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेंगे।
करोड़ों रुपये के भारी-भरकम बजट से विकसित की गईं विश्वस्तरीय सुविधाएं
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इन रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प पर करोड़ों रुपये की भारी-भरकम राशि निवेश की गई है। इस पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य केवल इमारतों का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि उन्हें आने वाले कई दशकों की भविष्य की आवश्यकताओं और यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुरूप ढालना है। स्टेशनों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, लिफ्ट, एस्केलेटर, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल और बेहतर प्रकाश व्यवस्था जैसे वैश्विक स्तर के मानक स्थापित किए गए हैं, जो यात्रियों के सफर को बेहद आरामदायक और सुरक्षित बनाएंगे।
अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण पर खर्च हुए लगभग चौबीस करोड़
अंबाला मंडल के अंतर्गत आने वाले अंब अंदौरा स्टेशन को विशेष प्राथमिकता देते हुए इसके विकास पर कुल तेईस करोड़ चौरासी लाख रुपये की बड़ी धनराशि खर्च की गई है। इस भारी निवेश के माध्यम से स्टेशन परिसर के प्रवेश और निकास द्वारों को सुगम बनाया गया है, साथ ही साथ प्लेटफार्मों की ऊंचाई बढ़ाने और वहां नए शेड लगाने का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इस स्टेशन के नए स्वरूप में आधुनिक सूचना प्रणाली और दिव्यांगजनों के अनुकूल विशेष रैंप व अन्य मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव के साथ पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन नए अत्याधुनिक स्टेशनों के शुरू होने से न केवल आम यात्रियों को पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक और सुखद यात्रा का अहसास होगा, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। आनंदपुर साहिब और कालका जैसे धार्मिक व पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण स्टेशनों के आधुनिक हो जाने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।


