More
    Homeदेशसरकारी नौकरी के बदले फ्लैट! ED के आरोपों से बढ़ीं ममता सरकार...

    सरकारी नौकरी के बदले फ्लैट! ED के आरोपों से बढ़ीं ममता सरकार की मुश्किलें

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में म्युनिसिपैलिटी भर्ती घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले में एक और कड़ी जोड़ते हुए सिटी सेशंस कोर्ट में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की है। इस शिकायत में पूर्व मंत्री सुजीत बोस, आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय और अन्य को नामजद किया गया है। ईडी का आरोप है कि राज्य की विभिन्न नगर पालिकाओं में अयोग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी देने के बदले रिश्वत के रूप में फ्लैट और बड़ी मात्रा में नकदी ली गई, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध बनाने का प्रयास किया गया।

    भर्ती प्रक्रिया में धांधली और अवैध नियुक्तियां

    जांच से खुलासा हुआ है कि साउथ दमदम म्युनिसिपैलिटी के पूर्व वाइस-चेयरमैन रहे सुजीत बोस ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सैकड़ों अयोग्य लोगों की अवैध भर्ती कराई। वर्ष 2014 से 2022 के बीच म्युनिसिपैलिटी में हुई नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली बरती गई। सुजीत बोस पर आरोप है कि उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया और आर्थिक लाभ के बदले नियुक्तियां सुनिश्चित कीं। इस मामले में ईडी ने सुजीत बोस को पहले ही गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

    मनी लॉन्ड्रिंग का जटिल जाल और शेल कंपनियों का उपयोग

    ईडी की जांच में सामने आया है कि रिश्वत के तौर पर प्राप्त 'अपराध से हुई कमाई' को ठिकाने लगाने के लिए एक सोची-समझी रणनीति अपनाई गई। सुजीत बोस ने अवैध रूप से अर्जित धन को अपने रेस्टोरेंट बिजनेस में निवेश कर उसे वैध कैश बिक्री के रूप में दर्शाया। कोविड लॉकडाउन के दौरान भी उनके खातों में भारी मात्रा में नकद राशि जमा की गई। इस काले धन का उपयोग बाद में विभिन्न हॉस्पिटैलिटी कंपनियों और बैंक्वेट्स के विस्तार के लिए किया गया। इसके अलावा, प्रॉपर्टी खरीदने के लिए शेल कंपनियों और अन्य व्यक्तियों से फर्जी कर्ज लेकर धन को इधर-उधर घुमाया गया, ताकि असली स्रोत का पता न चल सके।

    उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों की मिलीभगत

    इस घोटाले में केवल राजनीतिक प्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि उच्च प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल पाए गए हैं। तत्कालीन डायरेक्टर (लोकल बॉडीज) और आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय पर अपने पद और कानूनी अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप है। जांच में पाया गया कि उन्होंने भर्ती नियमों को दरकिनार कर साउथ दमदम म्युनिसिपैलिटी में अवैध नियुक्तियों को न केवल मंजूरी दी, बल्कि उन्हें नियमित करने में भी मदद की। बिना अनिवार्य दस्तावेजों और सरकारी गाइडलाइंस के उल्लंघन के बावजूद, उन्होंने विशेष मामलों का हवाला देकर कई अवैध नियुक्तियों पर अपनी मुहर लगाई, जो इस पूरे भ्रष्टाचार के तंत्र में उनकी सक्रिय भूमिका को प्रमाणित करता है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here