मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन के दौरान पांच महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, मंगलवार सुबह तक कलेक्टर का ज्ञापन नहीं लेने पर दोनों गेट जाम करने की चेतावनी
अलवर। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सोमवार को अलवर के मिनी सचिवालय पर गुस्सा फूट पड़ा। सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए मिनी सचिवालय पहुंचीं, लेकिन प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद जिला कलेक्टर उनसे मिलने नहीं आईं और उनका ज्ञापन भी स्वीकार नहीं किया गया। इससे नाराज महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान मिनी सचिवालय के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना था कि वे कई दिनों से आंदोलनरत हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिला कलेक्टर की ओर से उन्हें पहले भी आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी जायज मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर जिला प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए प्रदर्शनकारी सड़क पर भी बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की।
धरने और भीषण गर्मी के कारण पांच महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पुलिस वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार कराया गया। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा होती रही।
आंदोलनरत महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मंगलवार सुबह 9 बजे तक जिला कलेक्टर स्वयं आकर उनका ज्ञापन स्वीकार नहीं करती हैं, तो वे मिनी सचिवालय के दोनों मुख्य प्रवेश द्वारों को जाम कर देंगी। उनका कहना है कि इसके बाद किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को आसानी से कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा और आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दोहराया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों से वार्ता या ज्ञापन स्वीकार करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


