चेयरमैन और पार्षदों का कार्यकाल पहले ही समाप्त, अब अधिकारी भी नहीं; जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर विकास कार्यों तक पर संकट
किशनगढ़ बास। खैरथल-तिजारा जिले के उपखंड मुख्यालय किशनगढ़ बास की नगर पालिका में प्रशासनिक व्यवस्था लगभग ठप होने की स्थिति बन गई है। नगर पालिका से अधिशासी अधिकारी (EO) सहित पांच कर्मचारियों का एक साथ तबादला कर दिया गया है, लेकिन उनकी जगह अब तक किसी नए अधिकारी या कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की गई है। इससे नगर पालिका पूरी तरह खाली हो गई है। दूसरी ओर चेयरमैन और सभी पार्षदों का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है। ऐसे में शहरवासियों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अब उनके रोजमर्रा के काम कौन करेगा।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राहुल अग्रवाल का तबादला मालाखेड़ा कर दिया गया है। राहुल अग्रवाल पहले बड़ौद नगर पालिका से अतिरिक्त प्रभार पर किशनगढ़ बास का कार्य देख रहे थे। उनके स्थानांतरण के बाद नगर पालिका में EO का पद भी रिक्त हो गया है।
इसी क्रम में कनिष्ठ अभियंता गगन गर्ग का स्थानांतरण नगर निगम अलवर, कनिष्ठ अभियंता रवि कुमार का नगर निगम अलवर, कनिष्ठ सहायक नीतू का नगर निगम अलवर तथा सुरेश कुमार को एपीओ करते हुए नगर निगम अलवर स्थानांतरित किया गया है। इन सभी पदों पर अभी तक किसी की नियुक्ति नहीं हुई है।
जनप्रतिनिधि भी नहीं, अधिकारी भी नहीं
राज्य सरकार द्वारा नगर निकायों में चेयरमैन और पार्षदों का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें पहले ही कार्यमुक्त किया जा चुका है। अब EO और चार कर्मचारियों के स्थानांतरण के बाद नगर पालिका में न कोई जनप्रतिनिधि बचा है और न ही प्रशासनिक व्यवस्था संभालने वाला अधिकारी।
आमजन के काम अटके
नगर पालिका में अधिकारियों की अनुपस्थिति का सीधा असर आम नागरिकों के कार्यों पर पड़ने की आशंका है। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना, भवन निर्माण के नक्शों का अनुमोदन, पट्टा संबंधी कार्य, सफाई व्यवस्था की निगरानी, सड़क-नाली निर्माण सहित कई जरूरी कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
दोनों कनिष्ठ अभियंताओं के तबादले से तकनीकी कार्यों और विकास परियोजनाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है, जबकि लिपिकीय स्टाफ के नहीं होने से फाइलों के निस्तारण पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
चार्ज किसे मिलेगा, बना बड़ा सवाल
नगर पालिका में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अधिशासी अधिकारी का प्रभार अब किसे सौंपा जाएगा। वर्तमान में किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से प्रशासनिक निर्णय लेने और दैनिक कार्यों के संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शहर में चर्चा का विषय
नगर पालिका के लगभग खाली हो जाने की सूचना के बाद शहर में इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में जलभराव, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पहले से बनी हुई हैं। ऐसे में शिकायतों का समाधान किसके माध्यम से होगा, यह स्पष्ट नहीं है।
शहरवासियों का कहना है कि सरकार को शीघ्र नए अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति कर नगर पालिका की व्यवस्था को सामान्य करना चाहिए, ताकि आमजन के जरूरी कार्य प्रभावित न हों।
एक नजर में तबादले
- EO राहुल अग्रवाल – मालाखेड़ा स्थानांतरित
- जेईएन गगन गर्ग – नगर निगम अलवर
- जेईएन रवि कुमार – नगर निगम अलवर
- कनिष्ठ सहायक नीतू – नगर निगम अलवर
- सुरेश कुमार – एपीओ, नगर निगम अलवर
बड़ा सवाल:
जनप्रतिनिधि भी नहीं, अधिकारी भी नहीं… आखिर किशनगढ़ बास नगर पालिका का कामकाज अब कौन संभालेगा?


