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    गांव में रोजगार, घर में खुशहाली से बदल रही ग्रामीणों की जिंदगी

    रायपुर :  विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी रामजी) ग्रामीण परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। इस योजना के तहत अब सुकमा जिले के ग्रामीणों को अपने ही गांव में 125 दिनों तक रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल रही है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि पलायन की मजबूरी भी कम हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व छत्तीसगढ में संचालित वीबी-जी रामजी योजना 125 दिनों का रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जा रही है।

    गांव में ही मिल रहा सम्मानजनक रोजगार

             पहले रोजगार की कमी के कारण ग्रामीणों को काम की तलाश में दूसरे शहरों और राज्यों में जाना पड़ता था। अब गांव में ही लगातार काम मिलने से परिवार के साथ रहकर आजीविका चलाना आसान हो गया है। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ सामाजिक जीवन भी बेहतर हुआ है।

    सड़क निर्माण से रोजगार भी, सुविधा भी

            ग्राम पंचायत गादीरास के शासकीय माध्यमिक विद्यालय परिसर में इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इस कार्य से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है, वहीं विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में भी सुविधा हो रही है। विद्यालय के शिक्षक बसंत शर्मा बताते हैं कि पहले बरसात में स्कूल परिसर में कीचड़ होने से बच्चों को काफी परेशानी होती थी। अब पक्की सड़क बनने से बच्चे आसानी और सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंच रहे हैं।

    बढ़ी मजदूरी से बढ़ा परिवार का भरोसा

             योजना से लाभान्वित श्रमिक रवि पेद्दी कहते हैं कि पहले रोजगार के दिन कम होने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल था। अब 125 दिनों तक काम और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलने से घर की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं और कुछ बचत भी हो रही है।
    वहीं अरविंद पेद्दी बताते हैं कि अब गांव में ही रोजगार मिलने से उन्हें रोजी-रोटी के लिए बाहर पलायन नहीं करना पड़ता। इससे वे अपने परिवार के साथ रहकर काम कर पा रहे हैं।

    तेजी से बदल रही गांवों की तस्वीर

            मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सुकमा के अनुसार जिले में पेवर ब्लॉक सड़क, गाय शेड, बकरी शेड, पंचायत भवन, पीडीएस भवन और आवास निर्माण सहित कई विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। जिले की 160 ग्राम पंचायतों में से 134 ग्राम पंचायतों में कार्य प्रगति पर हैं, जो लगभग 84 प्रतिशत प्रगति के साथ प्रदेश में अग्रणी है। योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा निवारण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास

            श्रमिक दुक्कूराम यादव सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि योजना से गांव में रोजगार बढ़ा है, आय में सुधार हुआ है और जीवन स्तर बेहतर हुआ है। गांव में विकास कार्य होने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सभी को इसका लाभ मिल रहा है।

    बदलाव की मिसाल बनी वीबी-जी रामजी योजना

             विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। बढ़े हुए रोजगार दिवस, बेहतर मजदूरी और गांव में ही विकास कार्यों ने ग्रामीण परिवारों के जीवन में खुशहाली और भविष्य के प्रति नया विश्वास जगाया है। यह योजना सुकमा के गांवों में विकास और समृद्धि की नई कहानी लिख रही है।

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