भुवनेश्वर। जगत के पालनहार भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का आज, 16 जुलाई से विधि-विधान के साथ शुभारंभ हो गया है। इस पावन अवसर पर देश के कोने-कोने और विदेशों से भी लाखों की संख्या में भक्तगण रथ यात्रा के साक्षी बनने और महाप्रभु के दर्शन लाभ के लिए पुरी पहुंचे हैं। आस्था के इस महाकुंभ में चारों तरफ सिर्फ जय जगन्नाथ के जयकारे गूंज रहे हैं और पूरा शहर पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर नजर आ रहा है।
भीड़ के बीच एक श्रद्धालु हुआ अस्वस्थ, तुरंत पहुंचाया गया अस्पताल
इस महाआयोजन के दौरान उमड़ी भारी भीड़ और गर्मी के बीच रथ यात्रा मार्ग पर एक व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाबलों ने तत्परता दिखाई। त्वरित प्राथमिक उपचार देने के साथ ही उसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर पहरा
श्रद्धालुओं की इस ऐतिहासिक भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े और चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। पूरी यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों और आपदा प्रबंधन की टीमों को तैनात किया गया है। हर प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़ वाले इलाकों पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है।
पारंपरिक अनुष्ठान के साथ शुरू हुई 'पाहंडी' विधि
श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) द्वारा जारी किए गए विस्तृत शेड्यूल के मुताबिक, रथयात्रा के तय कार्यक्रम के अनुसार महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की पारंपरिक 'पाहंडी' रस्म सुबह 9:30 बजे पूरी धार्मिक आस्था के साथ शुरू हुई, जो दोपहर 12:30 बजे तक चली। इसके बाद, दोपहर के अन्य जरूरी अनुष्ठान संपन्न होने के बाद शाम 4 बजे से तीनों भव्य रथों को श्रद्धालुओं द्वारा खींचने का मुख्य कार्यक्रम आरंभ होगा।


