मुंबई: देश की सबसे मूल्यवान कॉर्पोरेट दिग्गज, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के वित्तीय नतीजे आज घोषित होने जा रहे हैं। आज होने वाली कंपनी की महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक में इन वित्तीय परिणामों की गहन समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद इन्हें आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किया जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित घोषणा के तहत न केवल मुख्य कंपनी बल्कि इसकी प्रमुख सहयोगी इकाइयों, रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही प्रदर्शन के आंकड़े भी सामने आएंगे, जिससे बाजार को देश की आर्थिक दिशा का एक बड़ा संकेत मिलेगा।
नतीजों की घोषणा से पहले रिलायंस के शेयरों में शानदार तेजी
तिमाही नतीजों के आधिकारिक ऐलान से ठीक पहले घरेलू शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कारोबार के दौरान रिलायंस का शेयर अपने पिछले बंद स्तर से लगभग 2.5 प्रतिशत तक उछलकर 1323.80 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। फिलहाल आरआईएल देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में स्थापित है, जिसका कुल मार्केट कैप 17.86 लाख करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस मजबूती से निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
कमाई और मुनाफे को लेकर बाजार का मजबूत अनुमान
बाजार विशेषज्ञों और विश्लेषकों को रिलायंस के विविध व्यावसायिक क्षेत्रों से काफी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। ऐसा माना जा रहा है कि रिफाइनिंग मार्जिन में मजबूती और पेट्रोकेमिकल सेगमेंट में सुधार से पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव का असर कम करने में मदद मिलेगी। उद्योग जगत के पूर्वानुमानों के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में कंपनी का राजस्व पिछली तिमाही की तुलना में 3.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3.05 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वहीं, कंपनी का परिचालन लाभ यानी EBITDA भी लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर करीब 46,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जिससे इसका मार्जिन 15 प्रतिशत पर स्थिर बने रहने की उम्मीद है।
पिछली तिमाही के प्रदर्शन और शेयर होल्डिंग का मौजूदा गणित
अगर रिलायंस इंडस्ट्रीज के पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें, तो कंपनी का कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 2,98,621 करोड़ रुपये रहा था, हालांकि इस दौरान शुद्ध मुनाफा मामूली गिरावट के साथ 16,971 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। हिस्सेदारी की बात करें तो जून 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 50.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार है। इस साल अब तक शेयर में कुछ उतार-चढ़ाव देखा गया है, जहां इसका 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 1,611.20 रुपये और न्यूनतम स्तर 1,253.65 रुपये रहा है।
सहयोगी इकाई जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का दमदार प्रदर्शन
रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजों से ठीक एक दिन पहले, इसकी डीमर्ज हुई वित्तीय इकाई जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपने तिमाही परिणाम घोषित किए, जिसने बाजार को सुखद आश्चर्यचकित किया है। कंपनी ने सालाना आधार पर अपने ऑपरेशंस रेवेन्यू में 227.28 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़त दर्ज की है, जो बढ़कर 2,004.47 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा भी पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 155.7 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए 830.25 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे आज रिलायंस के नतीजों को लेकर भी सकारात्मक माहौल बना हुआ है।


