लॉर्ड्स: इंग्लैंड और भारत के बीच खेली जा रही तीन मैचों की रोमांचक एकदिवसीय (ODI) श्रृंखला का दूसरा मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए इस बेहद कड़े मुकाबले में आधुनिक क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में शुमार जो रूट ने एक बार फिर अपनी मास्टरक्लास पारी का मुजाहिरा पेश किया। रूट की इस बेहद समझदारी और सूझबूझ से भरी पारी की बदौलत मेजबान इंग्लैंड ने भारतीय टीम को एक बेहद करीबी और रोमांचक मैच में चार विकेट से धूल चटा दी। हालांकि, इस शानदार जीत के बावजूद जो रूट के प्रशंसकों के हाथ थोड़ी निराशा लगी, क्योंकि वे अपने करियर के एक और बेहतरीन शतक से महज एक रन दूर रह गए और 99 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर नाबाद लौटे। भारतीय टीम की इस करारी शिकस्त के बाद कप्तान शुभमन गिल ने खेल भावना का परिचय देते हुए जो रूट की बल्लेबाजी की जमकर सराहना की है और साथ ही मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी टीम की हार के मुख्य तकनीकी कारणों का भी खुलकर विश्लेषण किया है।
जो रूट की नाबाद 99 रनों की ऐतिहासिक पारी: इंग्लैंड ने 234 रनों का लक्ष्य किया हासिल
भारतीय टीम द्वारा दिए गए 234 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद सधी हुई रही। पिच से गेंदबाजों को मिल रही अतिरिक्त मदद के बीच जो रूट ने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा। रूट ने अपनी पारी में कुल 114 गेंदों का सामना करते हुए बेहद कड़े अनुशासन के साथ नाबाद 99 रन बनाए। उनकी इस बेमिसाल पारी के दम पर इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने 234 रनों के इस मुश्किल टारगेट को 44.1 ओवरों में 6 विकेट खोकर बेहद आसानी से हासिल कर लिया।
इस महत्वपूर्ण जीत के साथ ही मेजबान इंग्लैंड ने तीन मैचों की इस द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखला में 1-1 की शानदार बराबरी कर ली है। अब दोनों टीमों के बीच इस सीरीज का तीसरा, अंतिम और सबसे निर्णायक महामुकाबला 19 जुलाई को इसी ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जाएगा, जो यह तय करेगा कि चमचमाती ट्रॉफी किस टीम के नाम होगी।
कप्तान शुभमन गिल का बड़ा बयान: 'जो रूट ने दिखाया कि दबाव में कैसे बैटिंग की जाती है'
रूट की क्लास को सलाम: मैच खत्म होने के बाद हुई आधिकारिक प्रस्तुति और प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय कप्तान शुभमन गिल बिल्कुल निराश नहीं दिखे और उन्होंने खुले दिल से जो रूट की तारीफ की। गिल ने कहा, "जो रूट ने आज जिस तरह की पारी खेली, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से क्यों गिने जाते हैं। उन्होंने पिच के मिजाज को बहुत जल्दी भांप लिया और हमारे गेंदबाजों पर दबाव नहीं बनने दिया। जब आप 99 रनों पर नाबाद रहते हैं और टीम को मैच जिताकर लौटते हैं, तो वह किसी भी शतक से कहीं बढ़कर होता है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को सिखाया कि दबाव में पारी को कैसे बुना जाता है।"
गेंदबाजों की तारीफ: गिल ने आगे कहा कि उनकी टीम ने मिडिल ओवरों में कुछ अच्छे विकेट चटकाकर मैच में वापसी की पूरी कोशिश की थी, लेकिन रूट की अनुभवी बल्लेबाजी के आगे भारतीय स्पिनरों की रणनीति काम नहीं आ सकी।
भारतीय कप्तान ने गिनाईं टीम की कमियां: इन 3 बड़ी वजहों से हारी टीम इंडिया
1. पावरप्ले में खराब शुरुआत और टॉप-ऑर्डर का फ्लॉप होना
शुभमन गिल ने माना कि टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआती 10 ओवरों में जैसी आक्रामक शुरुआत मिलनी चाहिए थी, वैसी नहीं मिल सकी। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने स्विंग का अच्छा फायदा उठाया और भारत के तीन शीर्ष बल्लेबाजों को महज 45 रनों के कुल योग पर पवेलियन भेज दिया, जिससे टीम पूरे मैच के दौरान बैकफुट पर रही।
2. मिडिल ओवरों में साझेदारी न होना और 30-40 रन कम बनना
कप्तान ने अपनी बल्लेबाजी इकाई की आलोचना करते हुए कहा कि मध्यक्रम में बल्लेबाजों को अच्छी शुरुआत तो मिली, लेकिन कोई भी खिलाड़ी उसे एक बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सका। गिल के अनुसार, लॉर्ड्स की इस पिच पर 234 रनों का स्कोर सम्मानजनक तो था, लेकिन जीत के लिए पर्याप्त नहीं था। अगर टीम इंडिया बोर्ड पर 270 से 280 रन टांगने में सफल रहती, तो मैच का नतीजा बिल्कुल अलग हो सकता था।
3. डेथ ओवरों में गेंदबाजी की दिशाहीनता और अतिरिक्त रन
गेंदबाजी मोर्चे पर बात करते हुए गिल ने स्वीकार किया कि जब मैच 40वें ओवर के बाद बेहद करीबी मोड़ पर पहुंच गया था, तब हमारे तेज गेंदबाजों ने लाइन और लेंथ में कई गलतियां कीं। डेथ ओवरों में दिए गए कुछ अतिरिक्त रनों (वाइड और नो-बॉल) ने इंग्लैंड के निचले क्रम के बल्लेबाजों का काम बेहद आसान कर दिया।
19 जुलाई को लॉर्ड्स में होगा फाइनल मुकाबला: सीरीज जीतने के लिए भारत को बदलना होगा गेम प्लान
लॉर्ड्स: अब दोनों ही टीमों की निगाहें आगामी 19 जुलाई को होने वाले फाइनल जंग पर टिकी हुई हैं। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होने वाला है, क्योंकि इंग्लैंड अपने घरेलू मैदान पर पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरेगी। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यदि भारतीय टीम को यह सीरीज अपने नाम करनी है, तो कप्तान शुभमन गिल को अपने बल्ले से रन निकालने होंगे और टीम को अपनी फील्डिंग व कैचिंग के स्तर में भी भारी सुधार करना होगा। लॉर्ड्स में होने वाले इस महामुकाबले में दोनों देशों के बीच एक बार फिर कड़ी टक्कर देखने को मिलने वाली है।


