जबलपुर: जबलपुर के कोतवाली थानांतर्गत दरहाई क्षेत्र की रहने वाली खुशबू सोनी ने विवाह के महज दो महीने बाद ग्वारीघाट इलाके में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। खुशबू का विवाह इसी वर्ष 7 मई को दमोह निवासी सचिन सोनी के साथ हुआ था। परिजनों ने शादी में अपनी हैसियत के मुताबिक नगदी और आभूषण दिए थे, लेकिन इस दर्दनाक कदम से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
दस लाख रुपये के दहेज के लिए उत्पीड़न का आरोप
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शादी के कुछ ही दिनों बाद से खुशबू को उसके पति सचिन सोनी और सास कांता सोनी द्वारा दस लाख रुपये का अतिरिक्त दहेज लाने के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। पीड़िता को खाना न देना, बातचीत बंद करना और मायके से संपर्क काटने के लिए मोबाइल छीन लेना जैसी मानसिक व शारीरिक यातनाएं दी जा रही थीं, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
मंदिर जाने का बहाना बनाकर ग्वारीघाट में लगाई फांसी
घटना वाले दिन खुशबू घर से परिजनों को मंदिर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वह सीधे ग्वारीघाट स्थित अग्रवाल धर्मशाला के पास एसटीपी प्लांट पहुंच गई। वहां उसने लोहे की सीढ़ी पर फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद पुलिस द्वारा सूचना मिलने पर घटना का दुखद खुलासा हुआ।
घटनास्थल से मिला भावुक सुसाइड नोट, पुलिस ने दर्ज किया मामला
जांच के दौरान पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें मृतका ने अपने पिता से माफी मांगते हुए भावुक संदेश लिखा था। मर्ग जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति सचिन और सास कांता सोनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


