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    घर में पारिवारिक तस्वीरों को सही दिशा में लगायें

    आजकल हर घर की पहचान उसकी दीवारों पर सजी खूबसूरत पारिवारिक तस्वीरों से होती है। ये तस्वीरें न केवल घर को एक व्यक्तिगत स्पर्श देती हैं, बल्कि परिवार के सदस्यों के बीच के प्यार, हंसी-मजाक और मीठी यादों को भी जीवंत रखती हैं। हालांकि, जहां ये तस्वीरें घर की शोभा और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती हैं, वहीं वास्तु शास्त्र के जानकार चेतावनी देते हैं कि गलत दिशा में लगी एक छोटी सी तस्वीर भी पारिवारिक रिश्तों में तनाव और कलह का कारण बन सकती है। ऐसे में, अपने घर को खुशहाल और सामंजस्यपूर्ण बनाए रखने के लिए इन तस्वीरों को लगाते समय कुछ महत्वपूर्ण वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी हो जाता है।
    वास्तु के अनुसार, पारिवारिक तस्वीरों को लगाने के लिए लिविंग एरिया यानी बैठक कक्ष सबसे उत्तम स्थान माना गया है। यह वह केंद्रीय स्थान है जहां परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर बातचीत करते हैं, हंसी-खुशी समय बिताते हैं और मेहमानों का स्वागत करते हैं। इस क्षेत्र में सामूहिक तस्वीरें लगाने से आपसी प्रेम और अपनापन बढ़ता है, जिससे परिवार के बंधन और मजबूत होते हैं। यदि आप अपने बेडरूम में तस्वीरें लगाना चाहते हैं, तो वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि वहां पूरे परिवार की तस्वीर के बजाय पति-पत्नी की युगल तस्वीर को प्राथमिकता देनी चाहिए। यह तस्वीर दांपत्य जीवन में प्रेम और समझ को बढ़ावा देती है।
    चाहे लिविंग रूम हो या बेडरूम, पारिवारिक तस्वीरों के लिए सबसे शुभ दिशा दक्षिण-पश्चिम मानी जाती है। वास्तु शास्त्र में इस दिशा को स्थिरता, शक्ति, मजबूती और ठहराव का प्रतीक माना गया है। इस दिशा की दीवार पर लगी पारिवारिक तस्वीर न केवल रिश्तों में मजबूती लाती है, बल्कि परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे का ढाल बनने के लिए प्रेरित करती है। यह तस्वीर परिवार में दीर्घकालिक खुशहाली और सुरक्षा का एहसास कराती है। यदि किसी कारणवश दीवार पर जगह उपलब्ध न हो, तो आप दक्षिण-पश्चिम दिशा में मौजूद किसी मजबूत फर्नीचर जैसे अलमारी या कैबिनेट पर भी फ्रेम की हुई तस्वीर रख सकते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।
    हालांकि, कुछ दिशाएं ऐसी हैं जहां पारिवारिक तस्वीरें लगाना वास्तु के अनुसार सख्त वर्जित माना गया है, क्योंकि ये घर की सुख-शांति को भंग कर सकती हैं। ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व दिशा, देवताओं और पवित्र ऊर्जा का स्थान होता है। वास्तु शास्त्र के नियम कहते हैं कि इस पवित्र दिशा में कभी भी अपने जीवित या दिवंगत परिजनों की तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है। इसी प्रकार, दक्षिण दिशा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करती है और इसे क्रोध, आक्रामकता और नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इस दिशा में पारिवारिक तस्वीरें लगाने से घर के सदस्यों के बीच मनमुटाव, वाद-विवाद और अनावश्यक बहसबाजी बढ़ने की आशंका बनी रहती है, जिससे पारिवारिक सौहार्द बिगड़ सकता है।

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