रोनीजाथान विद्यालय में आयोजित शिविर में साइबर सुरक्षा, हेल्पलाइन और मौलिक अधिकारों पर किया गया जागरूक, ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटी भी स्थापित
कठूमर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अनंत भंडारी के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मोहनलाल सोनी के मार्गदर्शन में महर्षि परशुराम उच्च माध्यमिक विद्यालय, रोनीजाथान (कठूमर) में साइबर अपराध से बचाव, नशा मुक्ति एवं विधिक जागरूकता विषय पर शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और आमजन को साइबर सुरक्षा, कानूनी अधिकारों तथा विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) दीपक कुमार मीना ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए विद्यालय परिसर में “कोर्ट वाली दीदी” नाम से शिकायत पेटी भी स्थापित कराई, ताकि छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं को गोपनीय रूप से दर्ज करा सकें।
विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश जैमन ने बताया कि साइबर अपराध इंटरनेट, मोबाइल और कंप्यूटर के माध्यम से किए जाने वाले अपराध हैं। उन्होंने ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी वेबसाइट एवं मोबाइल एप, सोशल मीडिया हैकिंग, पहचान की चोरी, साइबर बुलिंग तथा फिशिंग जैसे अपराधों से सतर्क रहने की आवश्यकता बताई।
शिविर में भारतीय कानूनों के अंतर्गत साइबर अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों एवं दंड की जानकारी भी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के माध्यम से पीड़ितों को उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता, परामर्श एवं लोक अदालत के जरिए विवादों के समाधान की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
प्रतिभागियों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करे, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए तथा निकटतम पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाए।
कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे किसी के साथ ओटीपी, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें, किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, केवल सुरक्षित वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन लेन-देन करें तथा सोशल मीडिया खातों की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखें।
पीएलवी दीपक कुमार मीना ने विद्यार्थियों को संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी देते हुए साइबर अपराध, नशे एवं अन्य अनैतिक गतिविधियों से दूर रहकर जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की।
शिविर में बताया गया कि विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता प्राप्त की जा सकती है, जबकि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर बच्चों से जुड़े ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर ग्रूमिंग या अन्य समस्याओं की सूचना दी जा सकती है।
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