भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के पांच जिलों—बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन—में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जहां अगले 24 घंटों में 4 इंच से ज्यादा पानी गिरने का अनुमान है। वहीं, देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, जबलपुर और सागर समेत 10 अन्य जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इन मौसम तंत्रों के कारण बदला मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजर रही मानसूनी द्रोणिका और सक्रिय चक्रवाती तंत्र की वजह से बारिश का यह नया दौर शुरू हुआ है। ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की ओर से आगे बढ़ रहा यह सिस्टम पूर्वी और मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश कराएगा। इस मानसूनी तंत्र का असर प्रदेश में 1 अगस्त तक बने रहने की संभावना है।
अधिकांश जिलों में अब भी बारिश की कमी
राहत की बात यह है कि इस नए सिस्टम से बारिश का कोटा पूरा होने की उम्मीद है। प्रदेश में अब तक औसतन 13.6 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य (16.5 इंच) से करीब 17 प्रतिशत कम है। राज्य के 47 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि भोपाल, इंदौर, देवास और सीहोर समेत केवल 8 जिलों में ही सामान्य से अधिक बारिश हुई है। देवास में सबसे ज्यादा 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।


