More
    Homeराज्यबिहारगया को मिलेगी नई पहचान, 3516 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य...

    गया को मिलेगी नई पहचान, 3516 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य कॉरिडोर

    पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य के विकास, धार्मिक पर्यटन, जल प्रबंधन और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अपनी मंजूरी दे दी है। बैठक में पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य और जल संसाधन जैसे प्रमुख विभागों से जुड़े बड़े फैसले लिए गए हैं।

    गया में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास

    गया के ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर परिसर का विकास वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए दो हजार पांच सौ बीस करोड़ रुपये और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए नौ सौ छियानवे करोड़ पांच लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। मंदिर परिसर में मल्टीलेवल कार पार्किंग, एलिवेटेड पथ, घाट और पैदल पुल का निर्माण कराया जाएगा।

    कृषि, बागवानी और रोजगार के लिए नए प्रावधान

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मखाना विकास योजना और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, एक जुलाई 2026 से राज्य के सभी अड़तीस जिलों में 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना लागू होगी, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में एक वित्तीय वर्ष में एक सौ पच्चीस दिनों का अकुशल मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में संविदा पर नियुक्तियां

    राज्य के पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों (बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर) में सहायक प्राध्यापक के तीन सौ छियासठ रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर बहाली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा, राजकीय दंत महाविद्यालयों और पटना स्थित पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पैरावेट स्कूल में भी नए पदों के सृजन व नियुक्तियों को हरी झंडी मिली है।

    गाद प्रबंधन और जेलों की जमीन पर पेट्रोल पंप

    नदियों और जलाशयों से गाद हटाने के लिए 'बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति-2026' को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत जल संसाधन विभाग को एक हजार करोड़ रुपये की अग्रिम राशि स्वीकृत हुई है। वहीं, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, बक्सर और भागलपुर की केंद्रीय जेलों की खाली पड़ी भूमि पर पेट्रोल पंप खोलने की अनुमति भी दी गई है।

    ईंट-भट्ठा व्यवसायियों के लिए राहत

    ईंट सत्र 2024-25 तक के बकाए रॉयल्टी पर दर्ज नीलाम पत्र वादों के समाधान के लिए तीन महीने की 'वन टाइम सेटलमेंट' योजना लाई गई है, जिसमें केवल मूल राशि जमा करने पर ब्याज माफ कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त नागर विमानन, खनन और सूचना आयोग से जुड़े नियमों में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here