More
    Homeराजनीतिप्रोफेसर वी. कामाकोटी पर सियासी विवाद, प्रियंका गांधी की टिप्पणी से मचा...

    प्रोफेसर वी. कामाकोटी पर सियासी विवाद, प्रियंका गांधी की टिप्पणी से मचा बवाल

    नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार करने के लिए एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। हालांकि, इस टास्क force में शामिल सदस्यों के नामों को लेकर अब देश में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इसे लेकर तीखी बहस देखने को मिली।

    टास्क फोर्स में कौन-कौन हैं शामिल?

    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए बनाई गई इस कमेटी की कमान इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी को सौंपी गई है। इस टीम में देश के कई दिग्गज विशेषज्ञ शामिल हैं:

    • नंदन नीलेकणी (अध्यक्ष, सह-संस्थापक – इन्फोसिस)

    • एस. सोमनाथ (पूर्व इसरो प्रमुख)

    • तपन डेका (पूर्व आईबी प्रमुख)

    • अनीता करवाल (पूर्व शिक्षा सचिव)

    • अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ)

    • प्रोफेसर वी. कामाकोटी (निदेशक, आईआईटी-मद्रास)

    कौन हैं प्रोफेसर वी. कामाकोटी?

    प्रोफेसर कामाकोटी देश के जाने-माने वैज्ञानिक और कंप्यूटर इंजीनियर हैं।

    • उन्होंने आईआईटी मद्रास से कंप्यूटर साइंस में उच्च शिक्षा हासिल की है और 2022 से वे इसी संस्थान के निदेशक हैं।

    • भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर 'शक्ति' के निर्माण में उनका अहम योगदान रहा है।

    • वे केंद्र सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार परिषद (NSAB) और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टास्क फोर्स के प्रमुख पदों पर काम कर चुके हैं।

    संसद में बयानबाजी और राजनीतिक विवाद

    लोकसभा में परीक्षा कानून (एंटी पेपर लीक बिल) पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने टास्क फोर्स के सदस्यों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस समिति में एक पूर्व आईबी चीफ, एक आईटी कंपनी के मालिक और एक 'गौमूत्र विशेषज्ञ' को रखा गया है। उनके इस बयान को सीधे प्रोफेसर कामाकोटी पर निशाना माना गया।

    बीजेपी का पलटवार

    प्रियंका गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि विपक्ष देश के एक सम्मानित वैज्ञानिक और शिक्षाविद का अपमान कर रहा है।

    अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रो. कामाकोटी ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है। विपक्ष द्वारा उनके आरएसएस से जुड़े होने के आरोपों पर ठाकुर ने कहा कि देशहित में सोचने वाले संगठन से जुड़ाव होना कोई गलत बात नहीं है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here