मुजफ्फरपुर। भगवान शिव के अति प्रिय सावन मास की पहली सोमवारी के पावन अवसर पर बिहार के प्रमुख और ऐतिहासिक शिवालयों में शुमार मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। सावन की पहली सोमवारी पर देर रात 12 बजे से ही मंदिर के कपाट खुलते ही जलाभिषेक का सिलसिला प्रारंभ हो गया जो निरंतर जारी है। उत्तर वाहिनी गंगा से पवित्र गंगाजल लेकर नंगे पांव पहुंचे हजारों कांवरियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के गगनभेदी जयघोष के बीच बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना की।
अरघा प्रणाली से कराया जा रहा जलाभिषेक, पूजन सामग्री अर्पित कर आशीर्वाद ले रहे भक्त
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अनियंत्रित भीड़ को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से मंदिर प्रशासन द्वारा विशेष अरघा प्रणाली की व्यवस्था की गई है। रविवार शाम से शुरू होकर सोमवार दोपहर तक अरघा के माध्यम से ही जल अर्पण कराया जा रहा है ताकि आम भक्तों को दर्शन और जलाभिषेक में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। शिवभक्त पूरी श्रद्धा के साथ जल, बेलपत्र, धतूरा, दूध और पुष्प अर्पित कर भगवान आशुतोष का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
महिलाओं, युवाओं और बच्चों में दिखा अपार उत्साह, सावन माह का माना जाता है विशेष महत्व
प्रथम सोमवारी को लेकर हर आयु वर्ग के श्रद्धालुओं में एक अलग ही भक्तिमय उत्साह देखने को मिल रहा है। नंगे पैर लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक ग्रंथों के अनुसार सावन का महीना महादेव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र माह में निष्कपट भाव से की गई पूजा-अर्चना से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी कष्ट दूर कर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
मंदिर प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम, रात्रि काल में किया जाएगा बाबा का अलौकिक श्रृंगार
बाबा गरीबनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने जानकारी दी कि सावन की शुरुआत के साथ ही सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवकों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहे। उन्होंने बताया कि वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए सावन की पहली सोमवारी की रात्रि में बाबा गरीबनाथ का अलौकिक महाशृंगार और भव्य फूलों से सजावट की जाएगी, जिसके दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।


